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स्वयं को सही रूप में व्यक्त करना ही शिक्षा है

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स्वयं को सही रूप में व्यक्त करना ही शिक्षा है

झंझारपुर. ललित नारायण जनता कॉलेज में दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया. नए सीबीसीएस कोर्स सत्र (2024 -28) के छात्रों का पठन-पाठन शुरू होने से पूर्व इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत मिथिला विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक विनोद कुमार ओझा, कॉलेज के प्रिंसिपल नारायण झा, डा. रविंद्र कुमार ठाकुर, डा. कल्पना कुमारी ने किया. कार्यक्रम में नये नामांकन के सैकड़ों छात्र छात्रा उपस्थित हुए. छात्रों को ड्रेस कोड में देखकर परीक्षा नियंत्रक काफी प्रभावित हुए. संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा की पराकाष्ठा के बाद दीक्षा की शुरुआत होती है. इसके बाद स्वयं को जलाना पड़ेगा. फिर अपने को शिक्षा व शिक्षक के प्रति समर्पित होना पड़ेगा. भारत युवाओं का देश है. उन्होंने उपनिषदों की बातों को रखकर छात्रों से कहा कि लक्ष्य की प्राप्ति के लिए शिक्षा ही एकमात्र विकल्प है. कहा कि स्वयं को सही रूप में व्यक्त करना ही शिक्षा होती है. सहजता के साथ खुद को प्रस्तुत करें. जीवन के प्रथम गुरु मां होती है. वहीं से संस्कार मिलता है. परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि 4 वर्षीय नए कोर्स में जो छात्र इंटरनल की परीक्षा नहीं देंगे. उनको सेकेंड सेमेस्टर में फॉर्म भरने नहीं दिया जाएगा. अर्थात कॉलेज के सीआईए की परीक्षा अनिवार्य है. उन्होंने छात्रों से कॉलेज आने की अपील की. नए कोर्स के बारे में अन्य जानकारियां भी दी. कहा कि एक साल, दो साल के बाद भी अगर कोर्स छोड़ते हैं तो चार क्रेडिट लेने के बाद आपको सर्टिफिकेट मिलता है. चार साल कोर्स पूरा करने के बाद मात्र एक साल में ही पीजी कर सकते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चे एडमिशन झंझारपुर में लेंगे और पढ़ाई कोटा में करेंगे यह नहीं होगा. प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ. नारायण झा ने छात्रों से कहा कि आप ऐसी ऊंचाई पर पहुंचो, जहां हम सबको देखने से गर्व हो. कहा कि उनके आने से पूरे विश्वविद्यालय में परीक्षा विभाग में नए सफल प्रयोग किया जा रहे हैं. प्रोफेसर डॉ रविंद्र कुमार ठाकुर, मनोविज्ञान के प्रोफेसर डॉ. कल्पना कुमारी ने छात्रों को संबोधित किया. मंच संचालन डॉ सुजीत कुमार झा एवं छात्रा की तरफ से श्रुति झा मंच संचालन किया. कार्यक्रम में प्रो. अरुण कुमार, प्रो. चंद्र शेखर आजाद मौजूद थे.

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