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Home बिहार मधुबनी मिथिला के धरोहर, संस्कृति और भाषा संरक्षण जरूरी

मिथिला के धरोहर, संस्कृति और भाषा संरक्षण जरूरी

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मिथिला के धरोहर, संस्कृति और भाषा संरक्षण जरूरी

झंझारपुर. मां चामुंडा स्थान पचही मधेपुर में मिथिला वाहिनी की बैठक हुई. अध्यक्षता मंदिर समिति के अध्यक्ष राकेश झा ने किया. बैठक में मिथिला वाहिनी के संस्थापक सह मुख्य संरक्षक मिहिर कुमार झा महादेव ने लोगों को मिथिला वाहिनी के कार्य और उद्देश्यों से अवगत कराया. कहा कि मिथिला वाहिनी मिथिला के धरोहर, संस्कृति और भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए कृत संकल्पित है. संगठन के सहयोगी, कार्यकर्ता इस दिशा में कार्य कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मां चामुंडा स्थान पचही बहुत ही भव्य और दिव्य स्थान है. जहां मां चामुंडा, मां मंगला, मां दुर्गा तीनों ही पिंडी रुप में विराजमान है. इस स्थान को पर्यटन स्थल के रुप में मान्यता मिले और विभाग एवं सरकार द्वारा यहां पर्यटकों को हर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो इसके लिए प्रयास किया जाएगा. तांत्रिक सह पंडित पुरुषोत्तम झा ने इस स्थान के बारे में पूरी जानकारी दी कि यह स्थान सिद्ध पीठ के रूप में प्रसिद्ध है. बैठक में शक्ति ठाकुर, पुजारी अरुण झा, राम-लखन महतो, रामविलास महतो, टंकनाथ झा, नारायण झा, राघव झा, राहुल झा सहित अन्य लोग उपस्थित थे.

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