[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार मधुबनी नियमित टीकाकरण: नीचे से पांच पायदान वाले पदाधिकारी को सीएस ने लगाई फटकार

नियमित टीकाकरण: नीचे से पांच पायदान वाले पदाधिकारी को सीएस ने लगाई फटकार

0
नियमित टीकाकरण: नीचे से पांच पायदान वाले पदाधिकारी को सीएस ने लगाई फटकार

मधुबनी. सिविल सर्जन डॉ नरेश कुमार भीमसरिया ने जिले में संचालित नियमित टीकाकरण को लेकर सभी प्रखंडों के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ ऑन लाइन समीक्षा बैठक की. समीक्षा बैठक में सीएस ने नियमित टीकाकरण में नीचे से 5 पायदान वाले एमओआईसी को जमकर फटकार लगाई. यह पीएचसी नियमित टीकाकरण एवं सम्पूर्ण टीकाकरण में लक्ष्य से काफी नीचे है. नियमित टीकाकरण में 73 प्रतिशत व सम्पूर्ण टीकाकरण में जिले की उपलब्धि 80 प्रतिशत ही है. विदित हो कि सरकार द्वारा दो माह में पूर्ण टीकाकरण को 90 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. समीक्षा के क्रम में जिला में लौकही 56 प्रतिशत, हरलाखी 60 प्रतिशत, झंझारपुर 62 प्रतिशत, लखनौर 63 प्रतिशत तथा जयनगर 64 प्रतिशत के साथ न्यूनतम पांच प्रखंडों के रूप में चिन्हित किया गया है. नियमित टीकाकरण के शत – प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक सघन अनुश्रवण और पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया गया. सिविल सर्जन ने कहा है कि सरकार नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत पूर्ण प्रतिक्षण के शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सत्र स्थल से लेकर प्रखंड स्तर तक (ग्रामीण क्षेत्र सहित) प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को संचालित होने वाले नियमित टीकाकरण के साथ ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत दी जाने वाली सेवाओं का सघन अनुश्रवण और पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया गया है. इसको ले राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक का पत्र भी प्राप्त हुआ है. उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर सघन अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण का कार्य जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं के जिला स्तरीय पदाधिकारी के द्वारा किया जायेगा. इसके साथ ही प्रखंड स्तर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, आईसीडीएस कि सीडीपीओ के साथ सहयोगी संस्थाओं डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ के प्रतिनिधि द्वारा ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस के अवसर पर प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को नियमित टीकाकरण के साथ दिए जा रहे सभी सेवाओं का सघन अनुश्रवण और पर्यवेक्षण किया जाएगा. समीक्षा के क्रम में डीपीएम पंकज कुमार मिश्रा द्वारा सभी को बताया गया कि जिले में टीकाकरण के आच्छादन को बढ़ाने के लिए अपने अपने प्रखंड में सबसे खराब एचएससी को चिन्हित करते हुए उसके लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर सहयोगात्मक पर्यवेक्षण करते हुए टीकाकरण के शत प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त करना सुनिश्चित करें. इसके लिए सभी सहयोगी संस्था के प्रतिनिधि के साथ मिलकर शत प्रतिशत सर्वे तथा ड्यू लिस्ट कार्य को पूर्ण करें. डीपीएम ने आशा फैसिलिटेटर की जिम्मेदारी सुनिश्चित करते हुए उन सभी सत्रों का सर्वे तथा ड्यू लिस्ट पूरा करने का निर्देश सभी प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक तथा प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक को दिया. उन क्षेत्रों का जहां आच्छादन कम है, पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने तथा पर्यवेक्षण के क्रम में पाई गई त्रुटियों का समाधान तत्काल करना सुनिश्चित करें. सहयोगी संस्था यूनिसेफ के एसएमसी प्रमोद कुमार झा द्वारा पर्यवेक्षण के क्रम में पाई गई त्रुटियों तथा उसके समाधान के बारे में जानकारी दी गई. सिविल सर्जन डॉ नरेश भीमसरिया द्वारा सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक,प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक तथा सहयोगी संस्था के प्रतिनिधियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया कि एक माह के अंदर जिला के पूर्ण प्रतिरक्षण के आच्छादन को 73 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत तथा अगस्त माह तक 90 प्रतिशत से अधिक करना सुनिश्चित करें. इसके लिए त्वरित रूप से कार्ययोजना बनाकर पर्यवेक्षण करना सुनिश्चित करें और जो भी आवश्यक सुधारात्मक उपाय करना पड़े, उसे करें. सिविल सर्जन द्वारा जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी को भी निर्देशित किया गया कि प्रत्येक माह सभी प्रखंड के पांच सबसे कम आच्छादन वाले एचएससी की गहन समीक्षा करें और उनमें क्या सुधार हो रहा है, इसकी विशेष समीक्षा करें. युविन पोर्टल पर डाटा एंट्री को लेकर भी काफी नाराजगी व्यक्त की गई. सिविल सर्जन द्वारा स्पष्ट रूप से सभी को आदेशित किया गया कि हर हाल में आच्छादन को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पूरा करें तथा जो भी आच्छादन हो उसका युविन पोर्टल पर एंट्री करना सुनिश्चित करें. जिन पीएचसी के द्वारा लक्ष्य को पूरा नहीं किया जाएगा , उनके विरुद्ध आवश्यक दंडात्मक कारवाई सुनिश्चित की जाएगी. समीक्षा बैठक में एसीएमओ डा. आरके सिंह, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. एसके विश्वकर्मा, डीपीएम पंकज कुमार, यूनिसेफ के एसएमसी प्रमोद कुमार झा, यूएनडीपी के अनिल कुमार सहित सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीएचएम, बीसीएम, बीएमईओ सहित सहयोगी संस्था के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel