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Home बिहार मधुबनी बीएसएफ जवान का शव गांव पहुंचते ही अंतिम दर्शन को उमड़ी भीड़

बीएसएफ जवान का शव गांव पहुंचते ही अंतिम दर्शन को उमड़ी भीड़

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बीएसएफ जवान का शव गांव पहुंचते ही अंतिम दर्शन को उमड़ी भीड़

खुटौना. बीते सोमवार की देर रात 58 वर्षीय बीएसएफ जवान का मकसूदन महतो की शव उनके पैतृक गांव बथनाहा पहुंचते ही लोगों के आंखे नम हो गई. उनके अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग जुट गए. बीएसएफ जवान का मकसूदन महतो राजस्थान के जैसलमेर में डाबला के पास इंडो पाक बॉर्डर पर डाबला कैंप के बीएसएफ 108 बटालियन के सेक्शन कमांडर के पद पर तैनात थे. वे सिपाही पद से प्रोन्नति लेकर इस ऊंचाई को छुआ था. बताया गया कि विगत 6 अप्रैल को बीएसएफ डाबला कैंप से रोनीचा एक्सप्रेस ट्रेन से घर के लिए हुये थे. जोधपुर से पीछे राइकन बाग स्टेशन पर ट्रेन में ही उन्हें हार्ट अटैक होने से उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. तत्पश्चात उस स्टेशन पर ट्रेन पहुंचते ही जीआरपी के जवानों ने जोधपुर अस्पताल ले गये. जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. वहां से लाश को लेकर डाबला थाना के एसआई जटाशंकर झा ने हवाई जहाज से पटना पहुंचा जहां पहले से तैयार एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर रंजीत ने अपने 12 पुलिस बल के साथ लाश को लेकर उनका घर बथनाहा पहुंचे. तिरंगा झंडा में लिपटे लाश को देख लोगों ने अमर शहीद मकसूदन महतो एवं भारत माता कि जय का नारा लगाना शुरू कर दिया. बता दें कि उनकी पत्नी सुलेखा देवी एवं उनके एक पुत्र एवं दो पुत्रियां का रो रो कर बुरा हाल था. मालूम हो कि थाना क्षेत्र के छर्रापट्टी गांव के बगल में सुगरवे नदी के तट पर राजकीय सम्मान के साथ राष्ट्रीय धुन पर सलामी देकर अंतिम बिदाई दी गई. शहीद के जेष्ठ पुत्र कृष्णा कुमार महतो ने मुखाग्नि दी. मौके पर निवर्तमान सांसद रामप्रीत मंडल, शशिभूषण कामत, जीबछ परसैला, डॉक्टर विश्वनाथ कुशवाहा, कृष्ण देव महतो, पूर्व जिला परिषद सदस्य अरविंद कुमार महतो, जीबछ प्रसाद साह, शियाशरण सिंह एवं बालकृष्ण सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग संस्कार में शामिल हुए.

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