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Home बिहार मधुबनी आयुष्मान भारत योजना: संदेहास्पद मामले की जिला स्तरीय एंटी फ्राड टीम ने की जांच

आयुष्मान भारत योजना: संदेहास्पद मामले की जिला स्तरीय एंटी फ्राड टीम ने की जांच

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आयुष्मान भारत योजना: संदेहास्पद मामले की जिला स्तरीय एंटी फ्राड टीम ने की जांच

मधुबनी. आयुष्मान भारत बीमा योजना में फर्जीवाड़ा रोकने व क्रॉस मूल्यांकन के लिए जिला स्तरीय एंटी फ्रॉड टीम ने पिछले दिनों जिले के राजनगर व कलुआही प्रखंड के लाभार्थी के घर मरीज को मिलने वाली सुविधा व लाभ का भौतिक सत्यापन किया. यह जानकारी देते हुए आयुष्मान भारत योजना के डीपीसी कुमार प्रियरंजन ने कहा कि योजना से संबंधित अस्पतालों द्वारा किए गए इलाज की उचित प्रक्रिया की जांच की गई है. उन्होंने कहा कि योजना में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए जिला स्तर पर जिला एंटी फ्रॉड यूनिट का गठन किया गया है. वरीय उप समाहर्ता मयंक सिंह को टीम का नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. मेडिकल ऑफिसर के रूप में नामित अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आरके सिंह, जिला कार्यक्रम समन्वयक कुमार प्रियरंजन व जिला आईटी मैनेजर प्रभाकर रंजन टीम में शामिल हैं. उन्होंने कहा कि इसके तहत राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर गठित कमेटी के पास जाने वाली शिकायतों की सूची जिला स्तर पर गठित एंटी फ्राड टीम को दी जाती है. जिसके बाद टीम द्वारा संबंधित शिकायत कर्ता के घर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाता है. जिला स्तरीय टीम द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के आधार पर स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट व राष्ट्रीय एंटी फ्रॉड यूनिट द्वारा उचित कार्रवाई की जाती है. इसके लिए जिला स्तरीय कमिटी को प्रशिक्षित भी किया गया है. इस यूनिट का उद्देश्य नेशनल एंटी फ्रॉड यूनिट के द्वारा चिन्हित किए गए संदेहास्पद मामले (लाभार्थी एवं अस्पतालों) की जांच करना है. ताकि फर्जीवाड़ा पर रोक लगायी जा सके. शिकायत दर्ज करने के लिए डीजीआरसी का गठन जिला कार्यक्रम समन्वयक कुमार प्रिय रंजन ने कहा है कि डिस्ट्रिक्ट एंटी फ्रॉड यूनिट के अलावे जिले में डिस्ट्रिक्ट ग्रिवांस रेड्रेसल कमिटी का भी गठन किया गया है. जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित डीजीआरसी में सिविल सर्जन उपाध्यक्ष, डीपीसी आयुष्मान भारत सचिव सह जिला ग्रिवांस नोडल पदाधिकारी, सदस्य सचिव जिलास्तरीय पदाधिकारी हैं. जिन्हे जिला पदाधिकारी द्वारा नामित किया गया है. इसके अतिरिक्त एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सदस्य के रूप में शामिल हैं. समय से होगा शिकायतों का निवारण सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार भीमसारिया ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना में फ्राड को रोकने एवं निगरानी के लिए लिए जिला स्तरीय एंटी फ्रॉड यूनिट एवं डीजीआरसी का गठन किया गया है. जहां लोग योजना से संबंधित अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. शिकायतों का निराकरण समय से ऑफलाइन व ऑनलाइन किया जाएगा. इसके साथ ही डिस्ट्रिक्ट एंटी फ्राड कमिटी इस मामलों पर निगरानी भी रखेगी.

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