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Home बिहार मधुबनी कालाजार प्रभावित गांवों में आशा घर घर जाकर मरीजों को कर रही है चिन्हित

कालाजार प्रभावित गांवों में आशा घर घर जाकर मरीजों को कर रही है चिन्हित

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कालाजार प्रभावित गांवों में आशा घर घर जाकर मरीजों को कर रही है चिन्हित

मधुबनी. जिले में 30 दिवसीय कालाजार विशेष रोगी खोज अभियान एवं कालाजार प्रभावित गांवों में छिड़काव अभियान 21 जून को समाप्त होगा. कालाजार उन्मूलन अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता जिला के कालाजार प्रभावित 10 प्रखंडों के 33 गांवों में कालाजार मरीजों को चिन्हित करेगी. इसके लिए आशा कार्यकर्ता को प्रशिक्षित किया गया था. ताकि लक्षण व पहचान के आधार पर मरीजों की आसानी से पहचान की जा सके. कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. डीएस सिंह ने कहा कि भारत सरकार द्वारा कालाजार प्राप्त उन्मूलन लक्ष्य को आगे भी उसी स्तर पर बनाए रखने के लिए कालाजार, पीकेडीएल, एचआईवी वीएल के छुपे हुए रोगियों की घर-घर खोज कर समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश इडी संजय कुमार सिंह ने दिया है. ईडी द्वारा जारी निर्देश में वर्ष 2020, 2021, 2022 एवं मई 23 तक प्रतिवेदित कालाजार मरीजों के घर के चारों दिशा में स्थित 50-50 घरों में अधिकतम 200 से 250 घरों में घर-घर जाकर कालाजार, पीकेडीएल, एचआईवी एवं बीएल मरीजों की खोज की जाएगी. खोज के दौरान 15 दिनों से अधिक बुखार से पीड़ित व्यक्ति जिन्होंने बुखार के दौरान मलेरिया की दवा अथवा एंटीबायोटिक दवा का सेवन किया हो, उसके बाद भी बुखार ठीक नहीं हुआ हो वैसे मरीजों की आर के 39 किट द्वारा स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच की जाएगी. डॉ. सिंह ने कहा कि कालाजार प्रभावित गांव में कालाजार रोगी की पहचान की जाएगी. इसके लिए कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है. संबंधित कर्मी द्वारा प्रखंड स्तर पर आशा को प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण के बाद आशा अपने क्षेत्र में दी गयी समयावधि में सभी घरों में कालाजार संदिग्ध मरीजों को खोजेगी एवं प्रतिदिन का रिपोर्ट अपने आशा फैसिलेटर को देगी. वहीं केटीएस और केबीसी संदिग्ध कालाजार रोगियों का सत्यापन कर जांच को सुनिश्चित करवाएंगे. आशा फैसिलेटर आशा के द्वारा की जा रही कार्यों की निगरानी करेगी. प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक घर-घर कालाजार खोज कार्यक्रम का निगरानी एवं अपने प्रखंड के कालाजार तकनीकी पर्यवेक्षक एवं जिला सामुदायिक उत्प्रेरक को ब्यौरा उपलब्ध कराएगें. आशा कालाजार के संदिग्ध मरीज को पीएचसी रेफर करेगी. जिले में कालाजार मरीजों की स्थिति

आंकड़े की बात करें तो वर्ष 2020 में वीएल 23, पीकेडीएल 1, एचआईवी वीएल 2, वर्ष 2021 में वीएल 15, पीकेडीएल 4, एचआईवी वीएल 3 एवं वर्ष 2023 से 15 जून तक 4 कालांतर में वीएल मरीजों को चिन्हित किया गया है.

कालाजार मरीजों के मिलता है प्रोत्साहन राशि

जिला वेक्टर बोर्न नियंत्रण पदाधिकारी डॉ डीएस सिंह ने कहा है कि कालाजार मरीजों को इलाज के बाद प्रोत्साहन राशि दी जाती है. इसके तहत मुख्यमंत्री कालाजार राहत योजना के अंतर्गत कालाजार मरीजों को इलाज के बाद 6600 रुपये एवं भारत सरकार द्वारा 500 रुपए की राशि देने का प्रावधान है. जबकि पीकेडीएल मरीजों को इलाज के बाद एकमुश्त 4000 रुपये की राशि दी जाती है.

कैसे होगी कालाजार रोगियों की पहचान

वैसे मरीज कालाजार के रोगी हो सकते हैं जिन्हें 15 से अधिक दिनों से बुखार हो, भूख नहीं लगता हो एवं उदर बड़ा हो रहा हो. जिसका वजन लगातार कम हो रहा हो. शरीर काला पड़ रहा हो. इसके साथ ही वैसे व्यक्ति जिसे बुखार नहीं हो पर उसके शरीर पर दाग हो और पूर्व में कालाजार के रोगी रह चुके हों.

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