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Home बिहार मधुबनी राष्ट्रीय लोक अदालत में 659 मामले का निस्तारण

राष्ट्रीय लोक अदालत में 659 मामले का निस्तारण

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राष्ट्रीय लोक अदालत में 659 मामले का निस्तारण

मधुबनी . राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनामिका टी, प्रधान न्यायाधीश आर के बच्चन, प्राधिकार सचिव राजेश कुमार गौरव ने दीप प्रज्जवलित कर किया. इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कही कि लोक अदालत आपसी समझौता के आधार पर वादों का त्वरित और सुलभ निष्पादन का उत्तम साधन है. इससे पक्षकार शांति के साथ घर जाता है. वहीं पक्षकारों को न्यायलय के जटील प्रक्रिया से नही गुजरना पड़ता है. साथ ही पक्षकारों के मामले त्वरित व निःशुल्क निपटारा हो जाता है. जिससे पक्षकारो को समय व पैसा बचत होती है. इसमें न किसी का जीत होता है और न किसी कि हार होती है. वहीं प्राधिकार सचिव राजेश कुमार गौरव ने कहा कि लोक अदालत के लिए लोगों को जागरूक होना होगा. इसमें जहां लंबित सुलहनीय मामले का त्वरित निपटारा होता हैं. वहीं इससे पक्षकारों के बीच सौहदर्यपूर्ण वातावरण बन जाता है. जिससे समाज में शांति का माहौल रहता है. पक्षकारों से शांति पूर्वक अपने अपने मामले का निपटारा कराने का आग्रह किया. इस दौरान मौके पर एडीजे छ्ह गौरव आनंद, एडीजे ग्यारह मनीष कुमार, सीजेएम प्रमोद कुमार महथा, प्रधान दण्डाघिकारी किशोर न्याय परिषद कुमारेश, एसीजेएम स्वाती सुरेन्द्र, एसडीजेएम अलका राय प्रबंधक सरफराज आलम, लोक अदालत कर्मी सुशान्त चक्रवर्ती, संतोष दत्त, संतोष निषांत, विकास कुमार, किरन कुमार , अशोक ठाकुर, अधिवक्ता रामशरण साह, अधिवक्ता विभुति रंजन,मंजु कुमारी, मिथिलेश झा, न्यायालय कर्मी जयदेव राम, रवि कुमार , आशुतोष कुमार, पंकज श्रीवास्तव सहित अन्य उपस्थित थे. शनिवार को हुए लोक अदालत में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बेंचों का निरीक्षण कर जायजा लेती रही. निरीक्षण के दौरान बेंचों में मामलों के निपटारे को लेकर जानकारी ली. साथ ही कई निर्देश दिए जिससे अधिक से अधिक पक्षकारों को लाभ मिले. वहीं बेंच नम्बर एक में पहुँच कर क्लेम वाद के पक्षकार को इंशोरेंस कम्पनी के द्वारा दी चेक भी प्रदान की . वर्षा के बाद भी शनिवार को हुए राष्ट्रीय लोक अदालत पूरी तरह सफल रहा. इसमें विभिन्न वादों से संबधित 659 मामलों का निष्पादन हुआ. जिसमें फौजदारी से संबधित 180 मामले का निपटारा किया गया. वहीं बैंक से संबधित 479 मामले का निपटारा किया गया. जहां पक्षकारों से 3 करोड़ 7 लाख 91 हजार 603 रूपये पर समझौता कर शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया द्वारा 50 मामलों का निपटरा किया गया. जहां बैंक ऋण धारकों से 42 लाख 85 हजार 278 रुपये पर समझौता करते हुए तत्तकाल 19 लाख 36 हजार 278 रूपये वसूल की गई. पंजाब नेशनल बैंक द्वारा 95 मामलों में 62 लाख 3 हजार 904 रूपये पर समझौता कर 11 लाख 5 हजार 637 रुपये वसूल किया गया. इंडियन बैंक द्वारा 6 मामलों का निपटारा किया गया. जिसमें पक्षकारों से 1 लाख 89 हजार 580 रुपये पर समझौता कर 8 हजार 420 रुपये वसूल किया गया. सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया द्वारा 135 मामलों में 70 लाख 97 हजार 986 रुपये पर समझौता करते हुए तत्तकाल 14 लाख 37 हजार 400 रुपये वसूल किया गया. इसी प्रकार यूको बैंक से 15 मामलों में 4 लाख 23 हजार 300 रुपये, बैंक ऑफ बड़ौदा से 31 मामलों में 18 लाख 9 हजार 500 रुपये पर समझौता करते हुए. ऋणधारकों से तत्तकाल 4 लाख 97 हजार 900 रुपये वसूल किए गए. उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक से 49 मामलों में 33 लाख 62 हजार42 .रुपये पर समझौता करते हुए तत्तकाल 11लाख 61 हजार 400 रुपये वसूल किया गया. साथ ही अन्य बैंकों के द्वारा भी समझौता के तहत मामला निपटारा किया गया. लोक अदालत के माध्यम से शनिवार को सुलहनीय फौजदारी के 180 मामलों का निपटारा किया गया. जहाँ फौजदारी के 147 विद्युत विभाग के 26 मामलों का निपटारा कर 1 लाख 10 हजार रुपये पर समझौता कर वसूल किया गया. क्लेम के 4 मामले इंश्योरेंस कम्पनी द्वारा समझौता किया गया. जहाँ पक्षकारों से 33 लाख 50 हजार पर समझौता किया गया. राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए पांच बेचों का गठन किया था. जिसमें प्रथम बेंच के पीठासीन पदाधिकारी मनोज कुमार द्वितीय बेंच के प्रमोद कुमार महथा, बेंच नम्बर तीन में एसीजेएम स्वाती सुरेन्द्र, बेंच नम्बर चार में मुंसीफ द्धितीय अनुष्का चतुर्वेदी, बेंच पाँच में एसडीजेएम अलका राय पीठासीन पदाधिकारी बनाये गए थे.वहीं सभी बेंच में सदस्य अधिवक्ता थे.

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