12 दवा संचालक से से स्पष्टीकरण:
डीआई द्वारा औचक निरीक्षण क्रम में संचालक द्वारा क्रय विक्रय बीजक प्रस्तुत नहीं करने के आरोप में मेडिकेयर भौआड़ा, आरुषि मेडिकल राम चौक, देवेंद्र आयुर्वेदिक ड्रग स्टोर साहरघाट, गिरिजा मेडिको, दास मेडिकल हॉल, मां दुर्गा मेडिकल हॉल, मनीष मेडिकल हॉल, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र, गोदावरी ड्रग दुल्लीपट्टी, प्रदीप मेडिकल लदनियां, दवा इंडिया जेनेरिक फार्मा जलधारी चौक एवं एलिजा मेडिकल मधुबनी को सात दिनों में स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. ससमय स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं कराने अथवा स्पष्टीकरण से असंतुष्ट होने की स्थिति में दुकानों को निलंबित अथवा लाइसेंस को रद्द किया जा सकता है. एडीसी ने कहा कि इंडो नेपाल बॉर्डर सहित सभी दवा दुकानों पर विभाग पूरी नजर रखे हुए है. इसके लिए जांच दल का गठन किया गया है. उन्होंने कहा कि बिना निबंधन के चलाए जा रहे दवा दुकानों की जांच के लिए डीआई को विशेष निर्देश दिया गया है. बता दें कि जिले में मानक के अनुरूप 2280 दवा दुकानों का निबंधन जिला सहायक औषधि नियंत्रण कार्यालय द्वारा निर्गत किया गया है. इसके निगरानी के लिए जिला को 6 भागों में बांटा गया है. जिसके तहत डीआई-1 को 350, डीआई- 2 को 302, डीआई-3 468, डीआई-4 को 454, डीआई -5 को 425 एवं डीआई-6 को 360 दवा दुकानों की निगरानी एवं जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है. उन्होंने बताया कि जिला में औषधि निरीक्षक का 6 पद स्वीकृत है, इसके विरुद्ध तीन डीआई पदस्थापित है. मुख्यालय से लेकर सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों तक ग्रामीण चिकित्सक सहित अन्य चिकित्सकों द्वारा बिना निबंधन के यदि दवा रखा जाता है, तौ वह गैर कानूनी है. पकड़े जाने पर ऐसे लोगों के विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस संबंध में सिविल सर्जन डॉक्टर नरेश कुमार भीमसारिया ने सहायक औषधि नियंत्रक को औषधि निरीक्षक द्वारा की गई जांच की प्रतिकूल प्रतिवेदन का प्रतिवेदन उपलब्ध करने का निर्देश दिया है.
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