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बिना टेंडर निकाले बढ़ा दिया गया यूआइएमएस का टर्म

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बिना टेंडर निकाले बढ़ा दिया गया यूआइएमएस का टर्म

मधेपुरा. भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिना टेंडर निकाले ही यूआइएमएस पोर्टल को संचालित करने वाली कंपनी का टर्म एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है. बीएनएमयू प्रशासन ने छात्रहित के नाम पर तथा आचार संहिता के आड़ में कुलाधिपति सह राज्यपाल के निर्देशों का भी उल्लंघन किया है. जानकारी के अनुसार यूआइएमएस पोर्टल का टर्म बीएनएमयू में बीते 25 मई को समाप्त हो चुका है. टर्म खत्म होने से लगभग 10 दिन पहले ही बीएनएमयू प्रशासन ने यूआइएमएस पोर्टल का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है, जबकि यूआइएमएस पोर्टल का टर्म समाप्त होने से पूर्व ही बीएनएमयू को आगे के कार्यकाल के लिए नये सिरे से टेंडर प्रक्रिया अपनानी चाहिये थी. 25 मई को ही पूर्ण हो गया है टर्म बीएनएमयू में यूआइएमएस पोर्टल का टर्म 25 मई 2024 को ही पूर्ण हो गया है. कंपनी का प्रथम वर्ष का कॉन्ट्रेक्ट 10 अप्रैल 2019 से नौ अप्रैल 2020 तक था. जिसके बाद रिन्यूअल कॉन्ट्रक्ट पीरियड 26 मई 2020 से 25 मई 2024 तक है. इसके बाद अब पुनः एक वर्ष तक बीएनएमयू प्रशासन द्वारा यूआइएमएस पोर्टल का कार्य लेगी. आचार संहिता से पहले शुरू हो सकता था कार्य कुलाधिपति सह राज्यपाल के निर्देश के बाद भी विश्वविद्यालय को आइटी शाखा के डेवलप होने तक तत्काल यूआइएमएस पोर्टल की जरूरत थी, तो उन्हें नये सिरे से टेंडर प्रक्रिया अपनानी चाहिये थी. यदि बीएनएमयू प्रशासन आचार संहिता को लेकर नये सिरे से टेंडर प्रक्रिया नहीं शुरू कर सकी है, तो उन्हें आचार संहिता के लागू होने से पहले ही इस पर कार्य शुरू कर देना चाहिए था, जिस तरह से गेस्ट फैकेल्टी के लिए 16 मार्च को प्रक्रिया शुरू किया गया था. बाहरी एजेंसी पर निर्भरता हो समाप्त कुलाधिपति सह राज्यपाल ने यूआइएमएस पोर्टल को लेकर कुलपति को निर्देशित किया था कि यूएमआइएस को संचालित करने वाली एजेंसी से सभी डाटा निश्चित रूप से विश्वविद्यालय अपने पास प्राप्त कर लें एवं आइटी शाखा को इस तरह से डेवलप करें कि विश्वविद्यालय की बाहरी एजेंसी पर निर्भरता को समाप्त किया जा सके. बावजूद इस पर फिलहाल कार्य होता नहीं दिख रहा है. दांव पर लग सकता है छात्रों का भविष्य मालूम हो कि वर्ष 2020 से अब तक के छात्र-छात्राओं का डेटा यूआइएमएस कंपनी ने बीएनएमयू को नहीं दिया है. वर्ष 2019 तक का डाटा विश्वविद्यालय के पास है. इससे ऐसा लग रहा है कि यूआइएमएस कंपनी से बीएनएमयू की बात नहीं बनी तो कहीं छात्रों का भविष्य दांव पर न लग जाये, जबकि कुलाधिपति ने सीनेट की बैठक कहा था कि छात्र-छात्राएं ही विश्वविद्यालय की संपत्ति हैं, उनका डेटा सुरक्षित रखना विश्वविद्यालय का कर्तव्य है. यूआइएमएस पोर्टल छात्रहित में ठीक नहीं मालूम हो कि 18 मार्च को पहली बार सीनेट की बैठक में भाग लेने आये कुलाधिपति सह राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा था कि विश्वविद्यालय अपने स्तर से डाटा सेंटर स्थापित करें. यूआइएमएस पोर्टल छात्र-छात्राओं के हित में ठीक नहीं है. इसकी कई शिकायतें राजभवन को मिली है. यूआइएमएस पोर्टल छात्र-छात्राओं के डेटा को गायब भी कर सकती है. पांच सौ का चालान कटाने को मजबूर बीएनएमयू में पांच सालों से यूआइएमएस छात्र-छात्राओं का आर्थिक शोषण कर रही है. यूआइएमएस पोर्टल के लिए बीएनएमयू कामधेनु गाय बन गया है. यूआइएमएस कार्यालय के पास सप्ताह के छह दिन एवं पूरे दिन छात्र-छात्राओं की भीड़ लगी रहती है. यह भीड़ छात्र के नाम व माता-पिता के नाम में सुधार, विषय का नाम, पंजीयन नंबर समेत अन्य गड़बड़ी की रहती है. लगभग सभी मामलों में निर्दोष छात्र-छात्राएं पांच सौ रुपया का चालान कटा कर ठीक कराने को मजबूर हैं.

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