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यूजीसी का संशोधित नियम को हो लागू

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यूजीसी का संशोधित नियम को हो लागू

प्रतिनिधि, मधेपुरा

यूजीसी के द्वारा जारी नोटिफिकेशन के आधार पर पैट-22 व पैट-23 में गाइड व सीटों के निर्धारण से करने संबंधित मांगों को लेकर एनएसयूआई के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक मनीष कुमार व छात्र राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष अमृत कुमार अमरकांत के नेतृत्व में शनिवार को बीएनएमयू कुलसचिव प्रो विपिन कुमार राय को आवेदन समर्पित किया. आवेदन में छात्र नेताओं ने कहा कि यूजीसी द्वारा जारी नोटिफिकेशन में यूजीसी के सेक्रेटरी प्रो मनीष आर जोशी ने कहा है कि जो असिस्टेंट प्रोफेसर प्रोबेशन पीरियड में है, उनको भी पीएचडी स्कॉलर का गाइड बनाया जा सकता है. एनएसयूआइ के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक मनीष कुमार ने कहा कि पिछले साल मार्च में ही यूजीसी के बैठक में नियमों में संशोधन कर पीएचडी स्कॉलर का गाइड निर्धारण करने का नियम में सुधार कर असिस्टेंट प्रोफेसर को प्रोबेशन पीरियड में पीएचडी स्कॉलर का गाइड बनने का आदेश दिया है. इस आदेश को बिहार के कई विश्वविद्यालय ने पीएचडी नामांकन में तत्काल प्रभाव से लागू कर सीटों का निर्धारण कर दिया, लेकिन बीएनएमयू में इस नोटिफिकेश को लागू किये बगैर पैट-22 व पैट-23 में सीटों की निर्धारण कर दिया गया और यूजीसी के निर्णय को लागू नहीं किया गया. जिससे कई विषयों में सीट की संख्या जीरो है. इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा यूजीसी के संशोधित नियम को तत्काल लागू कर देने से सीटों की संख्या बढ़ जायेगी जिससे बीएनएमयू के छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा. छात्र राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष अमृत कुमार अमरकांत ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन यूजीसी के पीएचडी स्कॉलर व गाइड निर्धारण को लेकर संशोधित नियम को लागू किये बगैर आनन-फानन में कम सीटों का का लिस्ट जारी कर दिया, जो कि छात्र हित में नहीं हैं. कुलपति अभिलंब छात्र हित में निर्णय लागू करें. इससे कोसी जैसे पिछड़े इलाकों के छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा. छात्र राजद के सहरसा जिलाध्यक्ष धीरज सम्राट ने कहा कि कई विषयों में नये शिक्षक ने हाल के एक-दो वर्षों में बीएनएमयू में जॉइन किया है. जिनके विषय में पीएचडी नामांकन की रिक्तियां जीरो कर दिया गया है, जो कि आलोकतांत्रिक है. विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द यूजीसी का नोटिफिकेशन को लागू करते हुए सीटों संख्या बढ़ाये.

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