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Home बिहार मधेपुरा पकिलपार गांव में मवेशी के पारंपरिक खेल का हुआ आयोजन

पकिलपार गांव में मवेशी के पारंपरिक खेल का हुआ आयोजन

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पकिलपार गांव में मवेशी के पारंपरिक खेल का हुआ आयोजन

मुरलीगंज गोवर्धन पूजा के अवसर पर मुरलीगंज प्रखंड अंतर्गत पकिलपार गांव में मवेशी क्रीड़ा का आयोजन किया गया. आयोजन का उद्घाटन मुख्य अतिथि मुखिया डॉक्टर आलोक कुमार, सरपंच पंकज कुमार, पंचायत समिति सदस्य सुभाष यादव, पूर्व पैक्स अध्यक्ष रंजन यादव के द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया. आयोजन को लेकर ग्रामीण पशुपालक किसानों में काफी उत्साह देखने को मिला तो वही पशु कीड़ा देखने के लिए काफी संख्या में दर्शकों की भीड़ जुटी रही. इस आयोजन में करीब तीन दर्जन पशुपालक किसानों के मवेशियों ने हिस्सा लिया. तीन घंटे तक चली रोमांचक मुकाबले के बाद कमल देव यादव की भैंस प्रथम और ब्रह्मदेव यादव का भैंस द्वितीय तो वहीं दिलीप यादव का भैंस तृतीय स्थान पर विजेता घोषित हुआ. आयोजन समिति की ओर से पुरस्कार वितरण सह सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया. जिसमें आयोजन कमेटी की ओर से आगंतुक सभी अतिथियों को फूल माला व अंग वस्त्र पहनकर सम्मानित किया गया. तत्पश्चात मुख्य अतिथियों के हाथों विजेता तीनों पशुपालक किसान को फूल माला अंग वस्त्र से सम्मानित कर उपहार भेंट की गई. इस दौरान मुखिया डॉक्टर आलोक कुमार ने बताया कि पुराने जमाने से गोवर्धन पूजा के अवसर पर पशु क्रीड़ा का आयोजन होता आ रहा है. किंतु बदलते समय के दौर में यह परंपरा विलुप्त हो रही है. जिसे पकिलपार के ग्रामीणों के द्वारा पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया जा रहा है. ऐसी मान्यता है कि जब श्रीकृष्ण ने उंगलियों पर गोवर्धन पर्वत उठाकर इंद्र भगवान को परास्त किया था. पशुपालक किसान अपने-अपने मवेशियों को नहला धोकर नया नाथ कंठा पहनाकर पोषक तत्व जड़ी बूटी युक्त वनस्पति भजन उन्हें खिलाया जाता है. उसके बाद पशु क्रीड़ा मैदान में सूअर के साथ इन्हें लड़ाया जाता है. जिनका भैंस सूअर को पछाड़ देता है. उन्हें विजेता घोषित किया जाता है. उन्होंने ग्रामीण युवाओं को भी धन्यवाद देते हुए कहा कि आयोजन कमेटी के सभी युवा धन्यवाद के पात्र हैं जिन्होंने अपनी ग्रामीण परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए इस तरह का आयोजन किया है. इसी तरह का आयोजन लगातार होता रहे ताकि पशुपालक किसानों का मनोरंजन और आपसी भाईचारा सौहार्द कायम रहे.

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