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Home बिहार मधेपुरा विश्वविद्यालय के शोध कार्यों में राष्ट्रीय संगोष्ठी निभायेगा महत्वपूर्ण भूमिका

विश्वविद्यालय के शोध कार्यों में राष्ट्रीय संगोष्ठी निभायेगा महत्वपूर्ण भूमिका

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विश्वविद्यालय के शोध कार्यों में राष्ट्रीय संगोष्ठी निभायेगा महत्वपूर्ण भूमिका

मधेपुराृ. पार्वती विज्ञान महाविद्यालय मधेपुरा में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन सत्र में गुरुवार को विषय विशेषज्ञ व छात्र-छात्राओं तथा शोधार्थियों का शोध पत्र पढ़ा गया. विषय विशेषज्ञ लुसेंट पब्लिकेशन के लेखक डाॅ सुनील कुमार, उमर मुख्तार यूनिवर्सिटी लीबिया नार्थ अफ्रीका के प्रो रमेश कुमार शर्मा, विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर भूगोल विभाग डाॅ अमित विश्वकर्मा, महाविद्यालय के स्नातकोत्तर भूगोल विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो राजेंद्र यादव ने जलवायु परिवर्तन: अतीत वर्तमान और भविष्य पर विस्तार पूर्वक व्याख्यान देते हुए बताया कि वर्तमान परिदृश्य में पर्यावरण व उससे उत्पन्न समस्याओं के कारण जलवायु में जो उत्तरोत्तर बदलाव हो रहे हैं, जिसके फलाफल आज कई प्राकृतिक समस्याओं ने विकराल रूप धारण कर लिया है, जिसे जीवन के सभी आयाम प्रभावित हैं. उसके निदानात्मक उपायों के उपागमों को पटल पर लाकर इस दिशा में सकारात्मक प्रयास करने की आवश्यकता है. शोधार्थियों के तीन सौ से अधिक शोध पत्र किये गये प्रकाशित विश्वविद्यालय अंतर्गत सभी स्नातकोत्तर भूगोल विभाग के प्रथम सेमेस्टर से लेकर चतुर्थ सेमेस्टर तक के सभी छात्र-छात्राओं व शोधार्थियों के तीन सौ से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किये गये, जो भूपेंद्र नारायण विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर विभाग के लिए शैक्षणिक माहौल स्थापित करने में सर्वोत्तम पहल है. श्रुति सिंह, कुमारी रितेश्वरी, अंजली कुमारी, दिशा केसरी, रूपम कुमारी, अरुणा कुमारी, कुमारी रीना, मानसून कुमारी, आरती कुमारी, गीतांजलि कुमारी, मनीष कुमार, राहुल कुमार, मेघा कुमारी, आसिफ इकबाल, कृष्ण कुमार, सुनील कुमार, मनीष कुमार, प्रिंस पिंटू सत्यप्रिय कुमार, रितेश राज समेत अन्य शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र को पढ़ा और जलवायु परिवर्तन पर आयोजित इस संगोष्ठी में अपने महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किये. छात्र-छात्राओं को देगा एक नई ऊर्जा समापन सत्र में महाविद्यालय प्राचार्य प्रो अशोक कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक व शोध कार्यों में यह राष्ट्रीय संगोष्ठी अपना महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा और स्नातकोत्तर भूगोल विभाग के छात्र-छात्राओं को एक नई ऊर्जा देगा. उन्होंने सभी अतिथियों, विषय विशेषज्ञों, महाविद्यालय के प्राध्यापक, शिक्षण कर्मियों, आयोजन समिति के सभी सदस्यों, छात्र-छात्राओं व शोधार्थियों का इस संगोष्ठी में शिरकत करने के लिए साधुवाद दिया. मौके पर उपस्थित समिति के मुख्य संयोजक डाॅ राजेश कुमार सिंह आयोजन सचिव डाॅ सुधांशु शेखर, कार्यकारी सचिव डाॅ सुमेध आनंद, डाॅ संतोष कुमार, डाॅ मो सरफराज ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी.

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