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Home बिहार मधेपुरा ईश्वर को स्मरण करने से मन होता है पवित्र : स्वामी सुकर्मानंद जी

ईश्वर को स्मरण करने से मन होता है पवित्र : स्वामी सुकर्मानंद जी

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ईश्वर को स्मरण करने से मन होता है पवित्र : स्वामी सुकर्मानंद जी

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के मासिक सत्संग में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

उदाकिशुनगंज.

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय मासिक सत्संग में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. मुख्यालय स्थित सत्संग भवन में आयोजित कार्यक्रम सर्वश्री आशुतोष जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ, जहां भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से पूरा परिसर भक्तिमय बना रहा. स्वामी सुकर्मानंद जी महाराज ने कहा कि सच्चे मन से ईश्वर का स्मरण करने से मन पवित्र होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. उन्होंने कहा कि ईश्वर भक्ति ही मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करती है. आज के आधुनिक और भागदौड़ भरे जीवन में लोग आध्यात्मिकता से दूर होते जा रहे हैं, जिसके कारण मानसिक अशांति बढ़ रही है. ऐसे में सत्संग और संतों की वाणी मानव जीवन के लिए अमृत समान है. उन्होंने कहा कि जो लोग अपने व्यस्त जीवन से कुछ समय निकालकर प्रभु भक्ति में लगाते हैं, उनका जीवन धन्य हो जाता है. संतों की संगति से मन की विकृतियां समाप्त होती हैं तथा व्यक्ति का सांसारिक जीवन भी सुखमय बनता है. मानव को सदैव अच्छे कर्मों के मार्ग पर चलना चाहिए. सत्संग के दौरान भजन गायक जयनारायण जी व राम उदगार जी ने “रट लो हरि का नाम रे बंदे, वरना पीछे पछताएगा” जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया. भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया. वहीं संत जयनारायण बाबा ने भजन एवं प्रवचन से उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. कार्यक्रम के समापन के बाद विजय कुमार गुप्ता द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया. मौके पर रंजीत, कैलाश, रमेश, शंकर, श्यामल, ओमप्रकाश यादव, घनश्याम यादव, विजय गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, सचिन यादव, कृत्यानंद आदि मौजूद थे.

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