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Home बिहार मधेपुरा स्कूलों में प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग को दी जानी चाहिये प्राथमिकता -बीडीओ

स्कूलों में प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग को दी जानी चाहिये प्राथमिकता -बीडीओ

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स्कूलों में प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग को दी जानी चाहिये प्राथमिकता -बीडीओ

ग्वालपाड़ा. प्रखंड स्तरीय प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग पीबीएल कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रखंड स्तर पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला बीआरसी ग्वालपाड़ा में आयोजित की गयी, जिसका उद्घाटन प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी परमानंद पंडित ने किया. बीडीओ सह बीईओ ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालयों में प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग को प्राथमिकता दी जानी चाहिये. उन्होंने कहा कि पीबीएल से बच्चों में एकाग्रता बढ़ती है, नवाचारी सोच विकसित होती है तथा सीखने की गुणवत्ता मजबूत होती है. उन्होंने लेसन प्लान को पीबीएल आधारित बनाने पर जोर देते हुये शिक्षकों से आग्रह किया कि वे अपने कार्य को निष्ठा, उत्तरदायित्व व सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ करें, ताकि विद्यालयों की बदलती शैक्षिक रूपरेखा और अधिक प्रभावी बन सके. कार्यशाला में प्रशिक्षक सुजीत कुमार सिंह ने शिक्षण–अधिगम प्रक्रिया को बेहतर बनाने के व्यवहारिक सुझाव दिये. वहीं प्रशिक्षक सपन कुमार ने पीबीएल के विभिन्न बिंदुओं, उद्देश्यों और कक्षा में इसके उपयोग पर चर्चा की. जिला टीम से उपस्थित प्रशिक्षक शैलेश कुमार चौरसिया ने विभिन्न एमआइपी के प्रमुख पहलुओं को सरल तरीके से प्रस्तुत किया. पीबीएल टीम के प्रशिक्षक मिथुन कुमार गुप्ता ने प्रशिक्षण के दौरान सामने आने वाली तकनीकी समस्याओं के समाधान पर प्रकाश डाला और शिक्षकों से आग्रह किया कि प्रत्येक माह की शुरुआत में ही प्रोजेक्ट कार्य को पांच कार्य दिवस के भीतर निर्धारित मानकों व आयामों के अनुरूप पूरा करें.

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