[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार मधेपुरा प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम में मधेपुरा अव्वल, बनाया रिकॉर्ड

प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम में मधेपुरा अव्वल, बनाया रिकॉर्ड

0
प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम में मधेपुरा अव्वल, बनाया रिकॉर्ड

मधेपुरा.

प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (पीबीएल) कार्यक्रम के क्रियान्वयन में मधेपुरा ने रिकॉर्ड कायम किया है. सितंबर माह 38वें नंबर पर सबसे निचले पायदान में था. अक्तूबर माह से मधेपुरा में परिवर्तन की लहर शुरू हुई और धीरे-धीरे टॉप फाइव में पहुंचते हुए नवंबर एवं दिसंबर महीने में मधेपुरा ने शत-प्रतिशत सफलता हासिल किया. यह उत्कृष्ट प्रदर्शन दल के प्रशिक्षक संजय कुमार क्रांति, भालचंद्र मंडल एवं प्रेमलता कुमारी के सामूहिक प्रयास व शिक्षा विभाग केअधिकारियों के सहयोग से संभव हुआ है.

-क्या है पीबीएल-

प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण (पीबीएल) एक अनूठी शिक्षण पद्धति है जो छात्रों के समग्र विकास को बढ़ाती है, इसमें उनके शैक्षणिक ज्ञान एवं कौशल जैसे आलोचनात्मक सोच, विश्लेषणात्मक कौशल एवं बहुत कुछ शामिल हैं. पारंपरिक शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के विपरीत, जो किसी भी विषय के सैद्धांतिक भाग को समझाने पर विश्वास करती है, परियोजना-आधारित शिक्षण छात्रों को वास्तविक समय की समस्याओं को हल करने में सक्षम बनाकर व्यावहारिक उदाहरण प्रदान करने पर केंद्रित है. भारत सरकार के नई शिक्षा नीति के तहत मिडिल स्कूल में पीबीएल को लागू किया जा रहा है. शिक्षा के स्तर में अमूल-चूल परिवर्तन के लिए यह एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है. भावी पीढ़ी को अंतरराष्ट्रीय मानकों एवं चुनौतियां के लायक बनाने में यह शिक्षा नीति बेहद कारगर साबित होगी.

– 22 सितंबर की रिपोर्ट में मधेपुरा था अंतिम पायदान पर, अभी पहुंच गया है पहले नंबर पर-

इस बाबत जारी रिपोर्ट के अनुसार 22 सितंबर को मधेपुरा रेड मार्क से हाइलाटेड था. तभी अधिकारियों के समन्वय से प्रशिक्षक एवं शिक्षकों की एक टीम ने इस मिशन मोड पर लिया और उसका फल अगले 15 दिन में सामने आ गया. जब मधेपुरा अंतिम स्थान से उछलकर पूरे बिहार में पहले नंबर पर आ चुका है. शिक्षक संजय कुमार क्रांति, भालचंद्र मंडल, शिक्षिका प्रेमलता लगातार प्रखंडवार कक्षा छह से आठ के गणित एवं विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ संपर्क में रहकर पीबीएल का पांच दिवसीय कार्यक्रम स्कूल में पूरा करने में सहयोग दिया. उसके बाद इसका साक्ष्य दीक्षा एप्प पर अपलोड करायी गयी. शिक्षिका प्रेमलता ने बताया भावी पीढ़ी को बेहतर शिक्षा मिले इस दिशा में कार्य करके काफी बढ़िया लगा है. वह कहती हैं अपने जिले को उत्कृष्ट स्थान दिलाने में सामूहिक रूप से किये गये कार्य में एक छोटा सा प्रयास सफल हुआ है, यह बेहद खुशी का क्षण है. प्रशिक्षक संजय कुमार क्रांति अनवरत मेहनत करके सबों को उत्साहित करते रहे एवं अधिकारियों का भी जमकर सहयोग मिला, तभी जाकर मधेपुरा को यह गौरव प्राप्त हुआ.

– प्रशस्ति पत्र देकर किया गया सम्मानित –

मधेपुरा के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद पटना बिहार द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर प्रशिक्षक संजय कुमार क्रांति एवं उनकी टीम को सम्मानित किया गया है.

– इनके सहयोग से पीबीएल कार्यक्रम हो पाया सफल-

पीबीएल कार्यक्रम में सदर प्रखंड से बीपीएम भवेश कुमार, दिलीप कुमार, प्रेमलता, प्रधानाध्यापिका रंजना कुमारी, प्रधानाध्यापक निखिल कुमार, चौसा से शिक्षक भालचंद्र मंडल, विजय कुमार, कृति तेजश्वी, कुमारखंड से बीपीएम संतोष कुमार, संजीव कुमार, बीआर नीरज कुमार, शिक्षक प्रणय प्रशांत, अंशु कुमारी ,पूजा पटेल, इंग्लेश कुमार, मुरलीगंज से बीपीएम सुमित कुमार, शिक्षक शिवानी प्रिया, अखिलेश कुमार, पूनम शर्मा,मनोहर कुमार, बिहारीगंज से बीआरपी शिवराज राणा, शिक्षक निधि सिंह, विनय पांडे, डॉ अमलेश कुमार, पुरैनी से श्रीनिवास कुमार, आलमनगर से बीपीएम दीपक कुमार, राजीव कुमार,सुधीर कुमार, दिलखुश कुमार, नीतू विश्वकर्मा, ग्वालपाड़ा से बीपीएम अजीत कुमार यादव, शिक्षक विशाल राज, सपन कुमार, गम्हरिया से बीपीएम सहनवाज अली, शिक्षक मृत्युंजय कुमार पांडे,अमृता कुमारी, दीपिका सिंह, घैलाढ से बीपीएम मो सद्दाम, शिक्षक रविंद्र कुमार रौशन, सिंहेश्वर से शिक्षक अविनाश कुमार, विकास कुमार, शंकरपुर से जय कुमार ज्वाला, नंदन कुमार, उदाकिशुनगंज से बीपीएम दीपक कुमार का अमूल्य सहयोग रहा. तकनीकी दल के सभी सदस्यों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, शिक्षक शिक्षा समन्वयक, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं डायट मधेपुरा का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है. सभी के सहयोग एवं मार्गदर्शन देने का काम किया. साथ ही उन्होंने एससीआरटी बिहार निदेशक आर सज्जन एवं संयुक्त निदेशक रश्मि प्रभा के प्रति अभार जताया.

— वर्जन —

मधेपुरा ने रिकॉर्ड समय में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है.बिहार में मधेपुरा का नाम उज्जवल करने तथा प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग को बेहतर तरीके से स्कूल में अमलीजमा पहनाने के लिये पूरी टीम साधुवाद का पात्र है. अभिषेक कुमार, कार्यक्रम पदाधिकारी, शिक्षा विभाग, मधेपुरा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel