उदाकिशुनगंज(मधेपुरा) से रिपोर्ट
Madhepura Road Accident: मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. आंगनबाड़ी केंद्र से पढ़ाई कर घर लौट रहे सात वर्षीय मासूम विवेक कुमार को तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने कुचल दिया. टक्कर इतनी भीषण थी कि बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई. हादसे के बाद चालक वाहन लेकर फरार हो गया. घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर एसएच-58 जाम कर दिया और दोषी चालक की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को मुआवजा तथा सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग पर अड़ गए.
आंगनबाड़ी से लौटते समय हुआ हादसा
हादसा नगर परिषद क्षेत्र के जमुनिया वार्ड संख्या 22 स्थित लक्ष्मीपुर जमुनिया टोला के पास मंगलवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुआ. मृतक विवेक कुमार, नुनु लाल मलाकार का सात वर्षीय पुत्र था और चार भाइयों में सबसे छोटा था. परिजनों के अनुसार वह रोज की तरह आंगनबाड़ी केंद्र से पढ़ाई कर पैदल घर लौट रहा था. इसी दौरान तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उसे जोरदार टक्कर मार दी.
टक्कर इतनी तेज थी कि विवेक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया. हादसे के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया.
मासूम की मौत से फूटा लोगों का गुस्सा
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. आक्रोशित लोगों ने शव को एसएच-58 पर रखकर सड़क जाम कर दिया. प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि इस सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जाता.
ग्रामीणों ने दोषी चालक की तत्काल गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को उचित सरकारी मुआवजा और सड़क पर गति नियंत्रण के लिए ठोस व्यवस्था की मांग की.
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Madhepura Road Accident: वाहनों की लगी लंबी कतार, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
सड़क जाम के कारण एसएच-58 के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया. सूचना मिलने पर उदाकिशुनगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया.
पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि स्कॉर्पियो की पहचान कर चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. समाचार लिखे जाने तक ग्रामीण सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.
फिर उठे सड़क सुरक्षा पर सवाल
इस हादसे के बाद एक बार फिर एसएच-58 पर तेज रफ्तार वाहनों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर नियमित वाहन जांच, गति सीमा का सख्ती से पालन और संवेदनशील स्थानों पर स्पीड ब्रेकर जैसी व्यवस्थाएं जरूरी हैं. उनका मानना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे.
मासूम विवेक की मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है. परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि आखिर तेज रफ्तार पर कब लगाम लगेगी.
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