पुल के पास कचरे का अंबार बना मुसीबत, दुर्गंध से राहगीर परेशान, बीमारी और हादसे का बढ़ा खतरा

Garbage Issue : शहर को स्वच्छ बनाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन मधेपुरा में गोमती पुल के पास फैले कचरे का अंबार इन दावों की पोल खोल रहा है. दुर्गंध, मच्छरों और गंदगी के बीच लोगों का गुजरना मुश्किल हो गया है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है.

By Pintu Pranav | June 28, 2026 11:49 AM

मधेपुरा से अमन श्रीवास्तव की रिपोर्ट

Garbage Issue : मधेपुरा शहर में नगर प्रशासन की अनदेखी के कारण साफ-सफाई की व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में है. शहर के अंतिम छोर स्थित गोमती पुल के पास लगातार कचरा फेंके जाने से स्थानीय लोगों और राहगीरों की परेशानी बढ़ गई है. सड़क किनारे जमा कचरे से उठ रही दुर्गंध, मच्छरों का प्रकोप और दुर्घटनाओं की आशंका ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. कई बार शिकायत के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है.

पुल के दोनों ओर फैला कचरा बना परेशानी

स्थानीय लोगों के अनुसार पुल के दोनों किनारों पर लगातार कचरा डंप किया जा रहा है. इसमें घरेलू कचरे के साथ प्लास्टिक, सड़ी-गली सब्जियां और अन्य अपशिष्ट भी शामिल हैं. बरसात के मौसम में यह कचरा सड़कर तेज दुर्गंध फैलाता है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों के साथ राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

दुर्घटना की आशंका बनी रहती है

राहगीरों का कहना है कि बदबू और सड़क किनारे फैले कचरे के कारण कई बार वाहन चालक असंतुलित हो जाते हैं. सुबह और शाम के समय जब यातायात अधिक रहता है, तब दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है. लोगों का कहना है कि समय रहते सफाई और निगरानी नहीं हुई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है.

गंदगी से बढ़ रहा बीमारियों का खतरा

कचरे के ढेर के कारण इलाके में मच्छरों और मक्खियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है. सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अविनाश कुमार का कहना है कि खुले में पड़े कचरे से संक्रमण फैलने की आशंका अधिक रहती है और इससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है.

छात्र, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित

Garbage Issue : गोमती पुल के रास्ते से प्रतिदिन स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं के अलावा बड़ी संख्या में आम लोग गुजरते हैं. छात्रों का कहना है कि बदबू के कारण उन्हें नाक बंद कर इस रास्ते से गुजरना पड़ता है. वहीं बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह स्थिति और अधिक कठिन हो गई है.

कार्रवाई की मांग, जुर्माना लगाने की उठी आवाज

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने प्रशासन से पुल के आसपास कचरा फेंकने पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि नियमित सफाई के साथ वहां सीसीटीवी निगरानी और कचरा फेंकने वालों पर जुर्माना लगाया जाए. उनका कहना है कि एक ओर “आई लव चकाचक मधेपुरा” जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर शहर के कई इलाकों में कचरे का अंबार शहर की छवि को धूमिल कर रहा है.

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