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Home बिहार मधेपुरा मारवाड़ी समाज का महापर्व गणगौर धूमधाम से संपन्न

मारवाड़ी समाज का महापर्व गणगौर धूमधाम से संपन्न

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मारवाड़ी समाज का महापर्व गणगौर धूमधाम से संपन्न

सिंहेश्वर.

प्रखंड क्षेत्र में मारवाड़ी समाज और राजस्थान का महत्वपूर्ण पर्व गणगौर से मनाया गया. होलिका दहन के दिन से आरंभ होने वाला यह पर्व 16 दिनों तक चला. शनिवार को समापन के मौके पर गणगौर पर्व को धूमधाम और भक्ति भाव के साथ बाबा मंदिर परिसर स्थित शिवगंगा तलाब में विसर्जित किया गया. गणगौर पर्व को राजस्थान में महापर्व का दर्जा दिया गया है. मौके पर मौजूद महिलाओं ने बताया कि इस पर्व में माता पार्वती (गौरी) द्वारा भगवान शिव (ईसर) को पति के रूप में पाने के लिए की गयी कठिन तपस्या और उनके मिलन पर आधारित है. यह पर्व अखंड सौभाग्य, वैवाहिक सुख और प्रेम का प्रतीक है, जिसे चैत्र माह की तृतीया को मनाया जाता है. कन्याएं मनचाहा वर और विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए 16 दिनों तक मिट्टी की ””””””””गणगौर”””””””” बनाकर पूजा करती हैं. बताया कि कथा के अनुसार माता पार्वती ने शिवजी को पाने के लिए कठोर तप किया था. शिवजी उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार करते हैं और पार्वती जी सभी स्त्रियों को अखंड सौभाग्य का वरदान देती हैं. वहीं दूब की कहानी में एक बार पार्वती जी ने शिवजी से पूछा कि महिलाएं गणगौर क्यों पूजती हैं? शिवजी ने बताया कि पार्वती ने ही सबसे पहले गणगौर की पूजा की थी. इस दिन वे नदी किनारे पूजा कर रही थीं और उन्होंने सभी महिलाओं को सुहाग का आशीर्वाद दिया था. माली की कहानी लोकप्रिय कथा के अनुसार एक बार गणेश जी, शिव और पार्वती वन में भ्रमण कर रहे थे.

पार्वती जी ने माली (गार्डनर) की दूब (घास) का उपयोग पूजा के लिए किये. माली ने इस पर आपत्ति जताई, तो पार्वती जी ने उसे अखंड सौभाग्य का वरदान दिया और कहा कि गणगौर की पूजा के अंत में उसे हलवा-लापसी का भोग मिलेगा. माली खुश हो गया और तब से यह परंपरा चलती आ रही है. मौके पर वर्षा अग्रवाल, रानी अग्रवाल, चिन्की शर्मा, सुप्रीता दास शर्मा, खुशी खंडेलवाल, कौमल खंडेलवाल, संतोष देवी, पिंकी अग्रवाल, मंजू खंडेलवाल, सुनिता अग्रवाल, ममता अग्रवाल, अनिता शर्मा, सुनिता देवी, विनिता शर्मा, निर्मला देवी सहित अन्य ने पर्व धूमधाम से मनाया.

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