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बेटा या बेटी में न करें भेदभाव- जिला समन्वयक

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बेटा या बेटी में न करें भेदभाव- जिला समन्वयक

प्रतिनिधि, ग्वालपाड़ा

प्रखंड क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं अभियान के तहत गुरुवार को कार्यक्रम का आयोजन किया. इस दौरान लोगों से बेटा व बेटी में भेदभाव नहीं करने की अपील की गयी. ग्वालपाड़ा प्रखंड मुख्यालय के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 14 मुसहरी तेरासी टोला पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत परिचर्चा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का नेतृत्व जिला समन्वयक इमरान आलम ने किया. जिला समन्वयक ने कहा कि बेटा या बेटी में कोई भेदभाव न करें. दोनों ही ईश्वर का दिया हुआ वरदान है. अगर आप बेटी की चाह नहीं रखते हैं तो भला आपके घर बहू कहां से आयेगी. इसीलिए बेटा व बेटी में भेदभाव न करते हुए दोनों को समान अधिकार के साथ-साथ समान शिक्षा दें. कम उम्र में मां बनना खतरे से खाली नहीं है. इससे जच्चा व बच्चा दोनों असुरक्षित रहते हैं. इसलिये लड़का या लड़की दोनों की समय पर ही शादी करें. वहीं समाज में दहेज रूपी दानव पूरी तरह से हावी है. लड़कियों व महिलाओं के लिए सुरक्षित व भयमुक्त वातावरण बनाने की शपथ दिलायी गयी. दूसरी ओर नुक्कड़ नाटक के टीम के कालाकारों ने नाटक व गीत, संगीत के माध्यम से लोगों को जागरूक किया. इस दौरान कन्या जन्म को प्रोत्साहित करने के लिए दो कन्या शिशु के माता को बधाई संदेश व गिफ्ट देकर जिला समन्वयक के द्वारा सम्मानित किया.

साथ ही उपस्थित अतिथियों द्वारा गर्भवती महिलाओं का गोद भरायी व छह माह पूर्ण हो चुके बच्चों का अन्नप्राशन किया. जिला समन्वयक ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना बेटी के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभा रही है. मौके पर मुखिया संतोष कुमार वार्ड सदस्य सकुनी देवी, महिला पर्यवेक्षिका रुबीना खातून, प्रखंड समन्वयक बंदना कुमारी, सेविका गुड़िया कुमारी, पूनम देवी, मुन्नी हेम्ब्रम, प्रतिमा सिंह, समिला कुमारी, काजल कुमारी, प्रियंका कुमारी, नूतन कुमारी आदि मौजूद थीं.

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