[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार लखीसराय जिले में आंधी-तूफान से 33 प्रतिशत तक गेहूं की फसल बर्बाद, नहीं मिलेगा मुआवजा

जिले में आंधी-तूफान से 33 प्रतिशत तक गेहूं की फसल बर्बाद, नहीं मिलेगा मुआवजा

0
जिले में आंधी-तूफान से 33 प्रतिशत तक गेहूं की फसल बर्बाद, नहीं मिलेगा मुआवजा

36 हजार हेक्टेयर में किसानों ने की गेहूं की खेती, शुरू कर दी गयी फसल की कटनी

अप्रैल के प्रथम सप्ताह से शुरू हो सकती गेहूं की खरीदारी, 2585 रुपये प्रति क्विंटल दर तय

लखीसराय.

जिले में आंधी तूफान व बारिश से अब तक गेहूं की 33 प्रतिशत फसल बर्बाद हो गयी है. गेहूं की फसल को सिर्फ आंधी और तूफान से क्षति पहुंचा है. बारिश कम होने के कारण गेहूं की अधिक फसल बच गयी है. आंधी तूफान व बारिश से पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष गेहूं की फसल को कम नुकसान हुआ है. मौसम विभाग की माने तो अभी भी आंधी व बारिश की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है. अधिकांश किसान के गेहूं का फसल पक कर तैयार हो चुका है. पिपरिया, लखीसराय, रामगढ़ चौक व चानन में गेहूं का फसल तैयार है. जिसे अब मजदूर या हार्वेस्टर से कटनी किया जा सकता है. हालांकि किसानों ने गेहूं की कटनी शुरू कर दी है. इस बार 36 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गयी है. इससे कि किसानों को इस बार गेहूं की खेती से अच्छी आमदनी आ सकती है. अगर आंधी पानी पूर्व किसान अपनी फसल को गोदाम एवं घर पहुंचाने सफल हो जाते हैं

गेहूं की खरीदी को लेकर विभाग का निर्देश नहीं

गेहूं को खरीदी की एक अप्रैल से संभावित तारीख पक्की की गयी है, लेकिन बहुत कम किसानों के अभी तक उनके खेत से गेहूं का फसल की प्राप्ति हुई है. गेहूं की अधिप्राप्ति का सरकारी न्यूनतम मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. किसान से पैक्स एवं व्यापार मंडल द्वारा गेहूं की खरीद करेंगे. सहकारिता विभाग पटना से पत्र प्राप्त नहीं होने के कारण जिला सहकारिता विभाग द्वारा अभी तय नहीं किया गया है.

बोले डीएओ

जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि गेहूं फसल क्षति का आकलन कराया गया है. जिले में 33 प्रतिशत गेहूं का फसल को क्षति पहुंची है. फसल क्षति का प्रतिशत जिलाधिकारी व संयुक्त निदेशक कृषि विभाग को भेजा गया है. प्रतिशत अधिक नहीं रहने के कारण फसल क्षति का मुआवजा नहीं दिया जायेगा.

बोले सहकारिता पदाधिकारी

जिला सहकारिता पदाधिकारी सुमन कुमारी ने बताया कि गेहूं खरीदी के लिए अभी तक निदेशालय से कोई लिखित सूचना प्राप्त नहीं है. गेहूं का सरकारी समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल होगा. गेहूं खरीदी के लिए संभवतः एक अप्रैल से शुरू होने की सूचना प्राप्त है. पत्र आने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel