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सरकारी उपेक्षा की मार झेल रहा ऐतिहासिक लक्ष्मण कुंड

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सरकारी उपेक्षा की मार झेल रहा ऐतिहासिक लक्ष्मण कुंड

पीरीबाजार.

विकास के तमाम दावों के बीच पीरीबाजार थाना क्षेत्र के घोसैठ पंचायत स्थित लक्ष्मण कुंड आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. धार्मिक और ऐतिहासिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होने के बावजूद, यह स्थल प्रशासनिक उदासीनता और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का जीवंत प्रमाण बन गया है. कूड़े के ढेर में तब्दील होती आस्था स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जिस कुंड के जल को कभी अत्यंत पवित्र माना जाता था. आज भी दूर दूर से लोग यहां स्नान करते आते हैं. साथ ही मान्यता है कि यहां स्नान करने से चर्म रोग से छुटकारा मिलता है. वहां आज गंदगी का अंबार लगा है. बता दें कि अब न तो यहां जल की निकासी की सही व्यवस्था है और न ही साफ-सफाई की. पूरे परिसर में झाड़ियां उग आयी है. बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है. हैरानी की बात यह है कि हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, लेकिन उनके लिए न तो पीने के साफ पानी की व्यवस्था है और न ही सुलभ शौचालय की. महिलाओं को यहां विशेष रूप से काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. पहुंच पथ की जर्जर स्थिति में है.

सरकार दे ध्यान तो पर्यटन की है अपार संभावनाएं

विशेषज्ञों और जानकारों की मानें तो लक्ष्मण कुंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं. यदि सरकार और पर्यटन विभाग इस ओर ध्यान दे तो यह स्थल न केवल जिले के गौरव को बढ़ायेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नये द्वार भी खोलेगा. वहीं यहां की दयनीय हालत को देख स्थानीय युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने इस उपेक्षा पर कड़ी नाराजगी जतायी है. उनका कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किये जाते हैं, लेकिन चुनाव बीतते ही लक्ष्मण कुंड को उसके हाल पर छोड़ दिया जाता है.

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