[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार लखीसराय जर्जर छत के नीचे भविष्य गढ़ने को मजबूर है छात्र

जर्जर छत के नीचे भविष्य गढ़ने को मजबूर है छात्र

0
जर्जर छत के नीचे भविष्य गढ़ने को मजबूर है छात्र

बड़े हादसे का इंतजार कर रहा विभाग

हाल: कसबा पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय माहा का

पीरीबाजार

थाना क्षेत्र के अभयपुर के कसबा पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय माहा के भवन की जर्जर स्थिति है. बच्चों को पठन-पाठन करने वाले विद्यार्थियों सहित शिक्षकगण भी हादसे को लेकर सशंकित रहते हैं. यहां स्कूल की इमारत शिक्षा का मंदिर कम और मौत का साया ज्यादा नजर आती है. छत से गिरते पलस्तर और दीवारों में आयी दरारें किसी बड़े हादसे को खुला आमंत्रण दे रही हैं. मासूम बच्चे और शिक्षक हर पल इसी डर में रहते हैं कि कहीं छत का कोई हिस्सा उनके ऊपर न गिर जाय. स्थिति इतनी खराब है कि बारिश के दिनों में तो यहां बैठना भी दूभर हो जाता है. कागजों में सिमटी प्रधानाध्यापक की गुहार हैरानी की बात यह है कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार सिंह ने इस गंभीर संकट से विभाग को अवगत कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. उन्होंने कई बार लिखित आवेदन देकर विभाग को स्थिति की गंभीरता बताई और उचित निदान की मांग की. अधिकारियों की यह ””विभागीय उदासीनता”” सीधे तौर पर बच्चों की जान जोखिम में डाल रही है. शौचालय की स्थिति भी नारकीय भवन के साथ-साथ विद्यालय का शौचालय भी पूरी तरह जर्जर और अनुपयोगी हो चुका है. यदि समय रहते नए भवन का निर्माण नहीं हुआ तो किसी बड़ी दुर्घटना का जिम्मेवार शिक्षा विभाग को माना जायेगा.

बोले अधिकारी

मामले को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुनंदन राम ने कहा कि विद्यालय के लिए राशि राज्य सरकार द्वारा निर्गत होती है. उनके द्वारा कोई फंड नहीं आता है. तत्काल उक्त विद्यालय को किसी नजदीकी विद्यालय में शिफ्ट किया जायेगा ताकि छात्र-छात्राओं को समस्या ना हो.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel