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अनुशासित जीवन जीने की कला से विकसित होते हैं स्काउट-गाइड: अनुराग

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अनुशासित जीवन जीने की कला से विकसित होते हैं स्काउट-गाइड: अनुराग

लखीसराय. शहर के पुरानी बाजार चितरंजन रोड स्थित महिला विघा मंदिर प्लस टू उच्च विद्यालय में स्काउट एंड गाइड का पांच दिवसीय दीक्षा संस्कार का प्रशिक्षण शुरु हुआ. अस पांच दिवसीय प्रशिक्षण सह परीक्षण शिविर के प्रथम दिन दीक्षा संस्कार के साथ प्रथम व द्वितीय सोपान का प्रशिक्षण सह परीक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया. जिला संगठन आयुक्त मृत्युंजय कुमार एवं गाइड डीओसी वंदना कुमारी के निदेशानुसार शिविर प्रधान अमृता सिंह के कुशल निर्देश पर सहयोगी के रूप में कार्य कर रहे स्काउट अनुराग आनंद के द्वारा सात दिवसीय प्रशिक्षण सत्र के दौरान पहले दिन टोली पद्धति की जानकारी देते हुए बच्चों को अनुशासन का परिचय दिया गया और बताया गया कि स्काउटिंग की पहचान अनुशासन से होती है. साथ ही साथ शिविर नियम बताते हुए लीडरशिप का गुण बताया गया. विद्यालय के प्रधानाध्यापिका अंजू कुमारी ने बताया कि स्काउट गाइड मन वचन और क्रम से शुद्ध होता है. इसे हम सेवाभावी परोपकारी और हृदय से भलाई के कार्य करने वाले संगठन कहा जाता है. स्काउट और गाइड देश भक्ति में प्रेरित होकर अपने कर्तव्य को निभाते हैं. इसलिए स्काउट-गाइड का प्रशिक्षण आवश्यक रूप से लेना चाहिए. अनुराग आनंद ने संबोधन में कहा स्काउट-गाइड प्रशिक्षण में अनुशासित और संयमित जीवन जीने की कला से विकसित होते हैं. देश के नवयुवक एवं नवयुवतियों स्काउटिंग गाइडिंग में टोली की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. स्काउटिंग की यही विशेषता इन्हें अन्य संगठनों से पृथक स्वरूप प्रदान करतीं हैं. टोली पद्धति स्काउट और गाइड में चारित्रिक विकास, नेतृत्व, आत्मनिर्भर, सहयोग एवं उत्तरदायित्व की भावना पैदा करती है. बच्चों को प्रतिदिन कम से मौके कम एक भलाई का कार्य करने से समृद्ध, समाज देश के प्रति आत्मीयता जागृत होती है. मौके पर उपस्थित विद्यालय परिवार के सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाओं का भरपूर सहयोग मिला रहा है. जिसमें राम कुमार चौधरी, केके शैलेश, जय प्रकाश प्रसाद, संगीत कुमारी, पूनम कुमारी,राम निवास वर्मा,अरुण कुमार आदि लोगों का भी सहयोग मिला.

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