[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार लखीसराय किऊल या कजरा से चले जमालपुर-हावड़ा एक्सप्रेस तो यात्रियों को फायदा

किऊल या कजरा से चले जमालपुर-हावड़ा एक्सप्रेस तो यात्रियों को फायदा

0
किऊल या कजरा से चले जमालपुर-हावड़ा एक्सप्रेस तो यात्रियों को फायदा

कजरा. 13071 हावड़ा-जमालपुर एक्सप्रेस सुबह सवा सात बजे जमालपुर पहुंचती है और संध्या साढ़े आठ 13072 बनकर हावड़ा के लिए प्रस्थान करती है. इस बीच इस ट्रेन को लगभग प्रत्येक दिन कजरा स्टेशन पर लगभग 10 बजे तो कभी उरैन स्टेशन पर सवा दस बजे पहुंचा दिया जाता है और पूरा दिन बिताने के बाद पुनः संध्या सवा पांच बजे उसके बाद उरैन या कजरा में खड़ी रहती है. जिससे न तो रेलवे और न ही यात्रियों को ही कोई फायदा पहुंच रहा है बल्कि रेलवे को नुकसान ही हो रहा है.

लाखों के राजस्व का हो रहा नुकसान

इस ट्रेन के कजरा व उरैन स्टेशन पर पहुंचाने के लिए अलग से दो ड्राइवर व एक गार्ड की ड्यूटी लगायी जाती है. जिससे रेलवे को बेवजह राजस्व का नुकसान हो रहा है.

रेलवे थोड़ा सजग हो तो हो सकता है मुनाफा

रेलवे थोड़ा सा सजग हो और इस ट्रेन को किऊल से हावड़ा के लिए सुचारू रूप से चालू कर दे तो यात्रियों को एक सुविधा मिल जायेगी. इस रूट को एक नयी ट्रेन व रेलवे को इनकम भी हो जायेगा.

छह माह से अधिक समय से कजरा व उरैन में खड़ी की जा रही ट्रेन

यह ट्रेन लगभग छह माह से ज्यादा समय से कभी कजरा व कभी उरैन स्टेशन पर अपना पूरा दिन का समय व्यतीत कर रही है. रेलवे को इस ओर ध्यान देना चाहिये. जिससे रेलवे को राजस्व में भी वृद्धि होगी. इस संबंध में मालदा रेलवे सलाहकार समीति के सदस्य गुलशन सिंह ने बताया कि रेलवे मालदा डिवीजन से इसपर बात करते हैं कि जमालपुर-हावड़ा एक्सप्रेस कजरा व उरैन में खड़ा कर पूरा दिन व्यतीत करवा दिया जाता है. अगर इस ट्रेन को किऊल या कजरा से जमालपुर के खोल दिया जाय तो इससे रेलवे के राजस्व को मुनाफा होगा साथ ही साथ यात्री को भी सुविधा में वृद्धि हो जाती.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel