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Home बिहार लखीसराय चापाकल के दूषित पानी से बनता है स्कूली बच्चों का मध्याह्न भोजन

चापाकल के दूषित पानी से बनता है स्कूली बच्चों का मध्याह्न भोजन

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चापाकल के दूषित पानी से बनता है स्कूली बच्चों का मध्याह्न भोजन

चापाकल के दूषित पानी से बनता है स्कूली बच्चों का मध्याह्न भोजन

प्राथमिक विद्यालय अनुसूचित जाति टोला खावा का है मामला

दो कमरे में चलता है कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई

किचेन शेड, शौचालय व पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं

मेदनीचौकी. सूर्यगढ़ा शिक्षांचल के प्राथमिक विद्यालय अनुसूचित जाति टोला खावा में चापाकल के दूषित पानी से रसोइयों को मजबूरी में स्कूली बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन बनाना पड़ता है. मध्याह्न भोजन बना रही रसोइया ने बताया कि विद्यालय में एक चापाकल है, वो भी खराब है. जिससे पानी के साथ बालू निकलता है. मजबूरी में इसी उसी पानी से किसी तरह मध्याह्न भोजन बनाना पड़ता है. जबकि एक अन्य चापाकल काफी दिनों से खराब ही पड़ा है, वहीं दूसरा चापाकल भी दूषित पानी ही दे रहा है. जिससे किसी तरह काम चलाया जा रहा है. विद्यालय से मिली जानकारी के अनुसार विद्यालय में एचएम चानो कुमारी सहित कुल 11 शिक्षक-शिक्षिकाएं नियुक्त हैं, जबकि कुल नामांकित बच्चों की संख्या मात्र 225 है. विद्यालय के अध्यक्ष सह वार्ड सदस्य सरिता देवी ने बताया कि बच्चों की संख्या के औसत पर 11 शिक्षक कैसे पदस्थापित है, ये तो विभाग जाने, लेकिन विद्यालय का इंफ्रास्ट्रक्चर चरमराया हुआ है. सिर्फ दो कमरे में कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई चलती है. शिक्षकों को अतिरिक्त बैठने तक का जगह का अभाव है. किचेन शेड भी काम चलाऊ है, जिसमें किसी तरह रसोइया मध्याह्न भोजन बना पाती है. शौचालय की अवस्था तो एकदम खराब है. स्कूली बच्चों व शिक्षकों के लिए ये काफी परेशानी का सबब है. ग्रामीण रामपुकार पासवान, अशोक पासवान, नरेश पासवान, उदय पासवान, बबलू पासवान, प्रकाश पासवान इत्यादि ने बताया कि विद्यालय का प्रांगण गहरा है जिससे बरसात में यहां जलजमाव हो जाता है. उसी जलजमाव से होकर स्कूली बच्चों को कक्षा में जाना पड़ता है. इसे लेकर विद्यालय की नारकीय स्थिति बन जाती है. कुछ नये शिक्षक के आने से इधर से बच्चों की पढ़ाई में कुछ सुधार हुआ है, इससे पूर्व पढ़ाई की अवस्था काफी दयनीय थी. ग्रामीणों ने इसकी जुबानी शिकायत की है. विद्यालय के शिक्षक नीतीश कुमार ने बताया कि पूर्व के प्रभारी एचएम के स्थान पर फूल फ्लेयर हेडमास्टर का पदस्थापना हुआ है, लेकिन अभी सभी तरह का चार्ज नहीं मिल पाया है. जिससे हेडमास्टर के अपने प्रभार से कामकाज सुचारू नहीं हो पायी है.

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