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मनुष्य को अपने विचार में पवित्रता रहनी चाहिए

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मनुष्य को अपने विचार में पवित्रता रहनी चाहिए

बड़हिया नगर स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय केंद्र में रविवार को त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव श्रद्धा, भक्ति के साथ संपन्न हुआ. केंद्र संचालिका बीके रोशनी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में शहर एवं आसपास के क्षेत्रों से आये. श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और ईश्वरीय ध्वज फहराने के साथ की गयी. इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से केक काटकर शिव जयंती का उत्सव मनाया. मुरली वाचन के दौरान उपस्थित जनसमूह आध्यात्मिक ज्ञान से अभिभूत नजर आया और पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण व्याप्त रहा. अपने संबोधन में बीके रोशनी ने कहा कि शिवलिंग परमात्मा शिव के ज्योति बिंदु स्वरूप का प्रतीक है, जो निराकार ईश्वर की स्मृति दिलाता है. उन्होंने कहा कि मनुष्य जैसा कर्म करता है, वैसा ही फल प्राप्त करता है. इसलिए हमें अपने विचारों और व्यवहार में सकारात्मकता, प्रेम और पवित्रता को अपनाना चाहिए. यही गुण धरती को स्वर्ग बनाने की दिशा में पहला कदम हैं. उन्होंने बताया कि परमपिता परमात्मा शिव आत्मा के सात मूल गुणों शांति, प्रेम, आनंद, शक्ति, ज्ञान, पवित्रता और सुख को जागृत कर मानव जीवन को श्रेष्ठ बनाते हैं. शिवरात्रि अथवा शिव जयंती उसी दिव्य अवतरण की स्मृति में मनाया जाने वाला पावन पर्व है. कार्यक्रम में बीके रामचंद्र प्रसाद सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे. अंत में सभी ने विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए सामूहिक संकल्प लिया.

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