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सोलर पावर प्लांट लगाने का किसानों ने किया विरोध

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सोलर पावर प्लांट लगाने का किसानों ने किया विरोध

सूर्यगढ़ा/पीरीबाजार. प्रखंड के कजरा में वर्ष 2011 में मेगा थर्मल पावर प्लांट लगाने के लिए 1262 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया था. 13 वर्ष बाद भी यहां पावर प्लांट लगाने का काम शुरू नहीं हो पा रहा है. अब सरकार यहां मेगा थर्मल पावर प्लांट लगाने की बजाय सोलर पावर प्लांट लगा रही है, जिसका किसान विरोध कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि मेगा थर्मल पावर प्लांट लगाने के लिए यहां किसानों की उपजाऊ भूमि का अधिग्रहण किया गया था. उन्हें कहा गया था कि यहां मेगा थर्मल पावर प्लांट लगने से रोजगार का सृजन होगा और उनके बच्चों को रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा. कजरा में मेगा थर्मल पावर प्लांट लगाने के लिए जिस समय भूमि का अधिग्रहण हुआ. उसे समय बिहार के अन्य दो जगह भी इसके लिए भूमि का अधिग्रहण किया गया. जहां अब मेगा थर्मल पावर प्लांट लगाया जा रहा है, लेकिन कजरा में बहु प्रतीक्षित मेगा थर्मल पावर प्लांट लगाने का काम अधर में लटक गया. अब सरकार इसकी जगह सोलर पावर प्लांट लगा रही है. किसानों का कहना है कि इससे कजरा क्षेत्र का विकास पूर्व के कार्य योजना की भांति नहीं हो पायेगा. बुधवार को कजरा में सोलर पावर प्लांट लगाने का कार्य शुरू होना था. किसानों के विरोध क्यों देखते हुए इसके लिए यहां दंडाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस बल की तैनाती की गयी थी. बुधवार को कार्य शुरू किये जाने के पहले दिन कार्यस्थल पर जेसीबी की मदद से भूमि का समतलीकरण होना था. जब कार्य शुरू करने के लिए पदाधिकारी जेसीबी के साथ पहुंचे तो किसानों ने कार्य शुरू किये जाने का पुरजोर विरोध किया. ग्रामीण सूत्रों के मुताबिक कुछ लोगों द्वारा जेसीबी पर पथराव किया गया. जिससे जेसीबी को आंशिक क्षति हुई. बाद में प्रशिक्षु एसडीपीओ आकाश किशोर सहित अन्य पदाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और विरोध कर रहे हैं लोगों को समझाइश देकर मामले को शांत कराया.

क्या हैं किसानों की शिकायत

किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष शीतल यादव ने बताया कि वर्ष 2011 में किसानों से मेगा थर्मल पावर प्लांट लगाने के लिए 1262 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया था. किसानों को कहा गया था कि मेगा थर्मल पावर प्लांट लगने से क्षेत्र में रोजगार का सृजन होगा और उनके बच्चों को रोजगार मिलेगा, लेकिन अब यहां सोलर पावर प्लांट लगाया जा रहा है. और अब किसान अपने आप को छला महसूस कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि मुआवजा दिये जाने में भी एकरूपता नहीं है. 22 एकड़ के लिए किसानों को 94 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया गया. जबकि 1240 एकड़ के लिए किसानों को 29 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया गया था. किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष ने बताया कि कई किसानों को अभी तक मुआवजा भी नहीं मिला. इसके अलावे पेड़, कुआं आदि के लिए भी मुआवजे का भुगतान नहीं हुआ. मुआवजे के वितरण में व्यापक पैमाने पर धांधली की गयी है. जमीन किसी और की और मुआवजा किसी अन्य व्यक्ति को दे दिया गया. कई कम पढ़े-लिखे किसानों से बिचौलिया दलाली के रूप में बड़ी राशि डकार गये. यहां के किसान पिछले छह माह से इसके लिए लगातार विरोध कर रहे हैं, लेकिन अब तक अधिकारी स्तर से कोई बातचीत नहीं हुई. किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष शीतल यादव ने बताया कि बुधवार को जेसीबी की मदद से कार्यस्थल पर भूमि का समतलीकरण किया जाना था. जिसका यहां के किसानों ने पुरजोर विरोध किया. यहां रोड़ेबाजी भी हुई. जिससे जेसीबी का आगे का शीशा टूट गया.

किसानों ने प्रशासन पर डराने-धमकाने का लगाया आरोप

किसानों का कहना है कि अब प्रशासन विरोध करने पर उन्हें डरा-धमका रही है. 13 किसानों के खिलाफ पीरी बाजार थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. पुलिस उन पर दबाव बना रही है.

बोले अंचलाधिकारी

सूर्यगढ़ा के अंचलाधिकारी स्वतंत्र कुमार ने बताया कि एक प्रतिशत किसान ऐसे हैं जिन्हें जमीन संबंधी कागजात में त्रुटि के कारण मुआवजा नहीं मिल पाया है. कुछ किसान गैरमजरूआ मालिक जमीन पर मुआवजा का दावा कर रहे हैं. कागजात में त्रुटि के कारण कुछ किसानों को एलपीसी नहीं मिल पाया है. अधिकतर किसानों को वर्ष 2011-12 में मुआवजा दिया गया था. उन्हें उस समय के निर्धारित दर से मुआवजा दिया गया. कुछ किसानों को 2022-23 में जमीन का मुआवजा दिया गया. जिन्हें प्रेजेंट रेट से मुआवजा दिया गया.

बाले प्रशिक्षु एसडीपीओ

मौके पर गये प्रशिक्षु एसडीपीओ आकाश किशोर ने कहा कि कुछ किसान मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत को लेकर सोलर प्लांट लगाने के कार्य का विरोध कर रहे थे. किसानों को समझा-बुझाकर मामले को शांत किया गया. ऐसे किसानों से कहा गया है कि वह अपनी जमीन के कागजात के साथ दावा करें. जांच के बाद सही पाये जाने पर उन्हें मुआवजा दिया जायेगा. जो भी किसान सोलर प्लांट लगाने के कार्य में गतिरोध पैदा करेंगे उनके खिलाफ प्रशासन कार्रवाई की जायेगी. प्रशिक्षु डीएसपी ने पथराव किये जाने की बात को निराधार एवं तथ्यहीन बताया.

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