[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार लखीसराय खरीफ की तैयारी में जुटे किसान

खरीफ की तैयारी में जुटे किसान

0
खरीफ की तैयारी में जुटे किसान

रोहिणी नक्षत्र में शुरू हुआ धान का बिचड़ा फोटो-धान का बिचड़ा डालने के तैयार किया जाता खेत लखीसराय. खरीफ फसल को लेकर जिले के किसान अभी से कमर कस चुके हैं. रोहिणी नक्षत्र लगते ही किसानों ने धान की नर्सरी यानी बिचड़ा गिराना शुरू कर दिया है. खेतों में जुताई, क्यारी बनाना और बिचड़ा डालने का काम जोरों पर है. गढ़ी बिशनपुर के प्रगतिशील किसान राम सागर चौधरी बताते हैं कि वे हर साल रोहिणी नक्षत्र में ही बिचड़ा गिराते हैं. इससे जुलाई में धान की रोपनी समय से हो जाती है. गढ़ी बिशनपुर के अलावा रामपुर, मानो, निरहुआ, सलोनाचक, पतनेर समेत आधा दर्जन गांवों के किसान भी रोहिणी नक्षत्र में बिचड़ा डाल रहे हैं. किसानों का मानना है कि समय से बुवाई-रोपनी करने पर उपज अच्छी मिलती है और मंडी में धान का भाव भी बेहतर मिल जाता है. *बोरिंग वाले किसानों को फायदा, पर सिंचाई जरूरी* किसान बताते हैं कि रोहिणी नक्षत्र में बिचड़ा गिराने के लिए लगातार सिंचाई की जरूरत पड़ती है. इसलिए जिन किसानों के पास बोरिंग की सुविधा है, वहीं इस नक्षत्र में नर्सरी डाल पाते हैं. चार दिन पहले रोहिणी नक्षत्र शुरू हुआ है और अगले छह दिन तक रहेगा. इसी अवधि में बिचड़ा गिराने का काम पूरा करना होता है. *जल्दबाजी पड़ी महंगी, सब्सिडी से चूके किसान* रोहिणी नक्षत्र में बिचड़ा गिराने वाले किसान कृषि विभाग की अनुदान योजना का लाभ नहीं ले पाते. विभाग से सब्सिडी पर मिलने वाला धान का बीज 15 जून के बाद ही किसानों को उपलब्ध कराया जाता है. ऐसे में अगेती बुवाई करने वाले किसानों को बाजार से महंगे दाम पर बीज खरीदना पड़ता है या पिछले साल का बचा बीज इस्तेमाल करना पड़ता है. *क्या कहते हैं अधिकारी* जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि खरीफ फसल महोत्सव 2026-27 पहले राष्ट्रीय स्तर पर होता है, फिर राज्य और जिला स्तर पर आयोजन किया जाता है. राज्य से लक्ष्य मिलने के बाद ही जिले में महोत्सव मनाया जाता है. इसके बाद ही किसानों को अनुदानित दर पर बिचड़ा उपलब्ध कराया जाता है.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel