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परिवार नियोजन अभीसरन कार्यक्रम की हुई शुरुआत

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परिवार नियोजन अभीसरन कार्यक्रम की हुई शुरुआत

लखीसराय. परिवार नियोजन के साधन को अपनाने के नाम को सुनते ही लोगों के जेहन में आता है कि अब ऑपरेशन करवाना है. चाहे वो पुरुष हो या महिलाएं उनके इसी भ्रम को तोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक नयी पहल की शुरुआत की है, जिसका नाम है परिवार नियोजन अभीसरन कार्यक्रम. इस कार्यक्रम में पीसीआइ एवं जीविका सहयोग कर रही है, जो समुदाय स्तर पर खेलों के माध्यम से योग्य लाभार्थियों को खेल के माध्यम से जागरूक कर रही है.

अप्रैल 2023 में पायलट प्रोजेक्ट के रूप हुई थी शुरुआत

जिला अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया कि अप्रैल 2023 में लखीसराय के साथ शेखपुरा, शिवहर, अरौंगाबाद के साथ जहानाबाद के दो-दो प्रखंडों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस योजना की शुरुआत की गयी थी, जो अप्रैल 2024 से संबंधित जिला के में नियमित कर दिया गया है. इस योजना की सबसे खास बात ये है कि गांवों में जीविका के माध्यम से खेल के माध्यम से योग्य लाभार्थी के द्वारा जागरूक किया जाता है, जो लोगों को आसानी से समझ भी आ रहा है. डॉ भारती कहते हैं परिवार नियोजन के दोनों साधन को अपनाने में परिवार नियोजन अभीसरन कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है, पायलट योजना के रूप में ही जिला के दो प्रखंड सूर्यगढ़ा एवं हलसी में कुल 9719 योग्य लाभार्थी को चिन्हित कर परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधन के लिए चिन्हित कर लिया गया है.

खेल के माध्यम से महिलाओं को किय जा रहा है जागरूक

सूर्यगढ़ा प्रखंड की जीविका की मास्टर रिसोर्स पर्सन वंदना कुमारी कहती हैं हरेक गांव के योग्य महिलाओं के बीच हम लोग खेल-खेल के माध्यम से परिवार नियोजन के दोनों साधनों के साथ परिवार नियोजन क्यों जरूरी है, इसके लिए जागरूक किया जाता है. रिश्तों का ताना-बना, गुब्बारे का खेल एवं कटोरी का खेल के द्वारा ये अभियान चलाया जा रहा है. इसके लिए बड़हिया को छोड़कर जिले के सभी प्रखंड के आशा एवं आशा फेसिलटेटर के साथ जीविका के कम्युनिटी मोबिलाइजर और कम्युनिटी न्यूट्रिशन रिसोर्स पर्सन को इस योजना के लिए प्रशिक्षण दिया जा चुका है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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