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अधर में चल रहा बल्लोपुर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन

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अधर में चल रहा बल्लोपुर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन

कचरा प्रबंधन के लिए बनी शेड का हो रहा गोदाम में उपयोग

डोर-टू-डोर कचरा का भी नहीं हो रहा उठाव

पंचायत में कचरा प्रबंधन में अव्यवस्था का है आलम

हलसी. प्रखंड मुख्यालय अंतर्गत बल्लोपुर पंचायत में कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था पूरी तरह ठप है. बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत गांवों को कचरा मुक्त बनाने के उद्देश्य से लाखों रुपये की लागत से बनाये गये एकीकृत ठोस कचरा प्रबंधन केंद्र सिर्फ निजी लोगों का गोदाम बनकर रह गया है. जिससे स्वच्छता अभियान की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े होने लगे हैं. इसके तहत लोगों के घरों से कचरा लेने के लिए डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन अभियान की शुरुआत की गयी थी, लेकिन यह अभियान भी जमीन पर उतरता नहीं दिख रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि घरों से कचरा उठाव नहीं होने की वजह से लोग सड़क के किनारे कचरा फेंकने को मजबूर दिख रहे हैं. जिसकी बदबू के कारण वहां से लोगों को गुजरना दुर्लभ हो गया है. अभी स्थिति यह हो गयी है कि कूड़ा सड़कों की सतह पर फैलने लगा है. जिससे आवागमन भी प्रभावित होगा. इसके बावजूद पंचायत स्तर पर सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीरता नजर नहीं आ रही है.

बोले ग्रामीण

गलियों, नालियों में कचरा जमा होने से एवं नालियों के गंदे पानी के सड़क पर फैल जाने से स्वास्थ्य समस्या का खतरा बढ़ जाती है. इससे मलेरिया, डेंगू, हैजा जैसी जानलेवा बीमारी होने की संभावना बनी रहती है.

अजय यादव, बल्लोपुर के ग्रामीण

ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी गयी. मगर किसी ने भी इसका संज्ञान नहीं लिया. गांव में संक्रामक बीमारी फैलने का अंदेशा है. इस तरह कार्य से स्वच्छ भारत मिशन योजना पर ग्रहण लगाया जा रहा है.

रंजीत कुमार, बल्लोपुर के ग्रामीण

गांव में सफाई कर्मचारी तो तैनात हैं. मगर साफ सफाई कभी-कभी की जाती है. कहा जाता है कि सफाई कर्मी को समय से मानदेय नहीं दिया जाता है और साफ-सफाई करने वाले कर्मी को सफाई करने से संबंधित सामग्री झाड़ू भी नहीं दिया जाता है और गाड़ी की मरम्मती भी नहीं करायी जाती है. जिससे साफ-सफाई करने में परेशानी होती है.

राजेश कुमार, सफाई सुपरवाइजर

बल्लोपुर पंचायत के साथ उनके गांव में साफ-सफाई को लेकर बुरा स्थिति है. जहां तहां कचरा व कुडा का अंबार लगा हुआ है. जिससे आने जाने में लोगों को काफी परेशानी होती है. मुख्यमंत्री नीतीश के पहल पर कुछ दिन चली यह योजना अब सिर्फ कागजों पर सिमट कर रह गयी है.

अभय कुमार, मतासी के ग्रामवासी

स्वच्छता को लेकर हमारे गांव में सही ढंग से कचरा संग्रहण करने को लेकर डस्टबिन भी वितरण नहीं किया गया. जिससे लोग अपने घर का कचरा संग्रह डस्टबिन में कर सकें. यह योजना सिर्फ कागजों पर सीमित कर रह गया है.

ललन सिंह, चौरही के ग्रामवासी

सरकार गांवों में साफ-सफाई को लेकर सतत प्रयासरत है, फिर भी सरकार का यह सपना साकार होते नहीं दिख रहा है. गांव में पिछले कई सालों से कूड़ा डालकर गंदगी फैलाई जा रही है, जिससे घरों से निकलना दुश्वार हो गया है. इसके साथ ही संक्रामक रोग बढ़ने का खतरा बना हुआ है.

बिपिन सिंह, चौरही ग्रामवासी

बोले मुखिया

बल्लोपुर पंचायत के मुखिया राजाराम प्रसाद शर्मा ने कहा कि तत्काल मतासी गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा कचरा प्रबंधन इकाई का उपयोग किया जा रहा है. जिसे खाली कर दिया जायेगा. वहीं कचरा घर को लेकर एक पुल का निर्माण कराया गया है और वहां पर कुछ मिट्टी भरायी जानी बांकी है. जिसको लेकर कचरा घर का उपयोग नहीं किया जा रहा है. वहीं सही से स्वच्छता कर्मी द्वारा काम नहीं किया जाता है. जिसको लेकर यह आरोप लगाया जा रहा है.

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