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श्रीराम विवाह की कथा सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु

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श्रीराम विवाह की कथा सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु

चानन. प्रखंड के धनवह गांव में चल रहे नौ दिवसीय लक्ष्मी नारयण महायज्ञ के छठे दिन सोमवार की रात वृदांवन से पधारी किशोरी गौरी प्रिया के द्वारा किये जा रहे प्रवचन में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. सोमवार की रात कथा के दौरान राम विवाह का आयोजन किया गया. किशोरी गौरी प्रिया के द्वारा श्री राम विवाह की कथा भाव पूर्वक सुनायी. कथा के दौरान उन्होंने श्री राम विवाह का बखान किया. राम-सीता विवाह की कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गये. कथावाचक ने कहा कि सीता जी माता गौरी की पूजा के लिए फुलवारी से फूल तोड़ने जाती हैं. उसी फुलवारी में भगवान श्रीराम के दर्शन होते हैं. सीताजी की नजर श्रीराम पर पड़ती है तो वह मोहित हो जाती हैं. दूसरी तरफ भगवान राम को सीताजी के पैरों में पहने गये नूपुरों की आवाज मोहित करती है. माता गौरी की पूजा करते समय सीता जी अपने वर के रूप में श्रीराम को मांगती हैं. कथावाचक ने राम विवाह के दृश्य का रसपान कराते हुए श्रोताओं को बताया कि राजा जनक गुरु विश्वामित्र के साथ राम व लक्ष्मण को धनुष यज्ञशाला ले गये. यहां देश-विदेश के राजा सुंदर सिंहासनों पर विराजमान थे. राजा जनक ने अपनी प्रतिज्ञा के बारे में सभी को अवगत कराया कि जो इस धनुष को तोड़ेगा. उसके साथ सीताजी का विवाह होगा. सभी राजाओं ने बारी-बारी से धनुष तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे. निराश राजा जनक को देखकर विश्वामित्र का इशारा पाकर भगवान श्रीराम धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाते हैं और धनुष टूट जाता है. इसके बाद श्री राम व सीता जी एक-दूसरे के गले में वरमाला डाल देते हैं.श्री राम विवाह की कथा सुन भक्त भावविभोर हो उठे. इस दौरान राम सीता विवाह में माता जानकी का कन्यादान जानकी डीह पंचायत के पूर्व उप मुखिया सह वीआईपी पार्टी के जिलाध्यक्ष सकलदेव बिंद के द्वारा किया गया. जिसमें उनके द्वारा एक सोना का अंगूठी, एक चांदी का पायल पांच कांसा का बर्तन, साड़ी 5051 रुपये नकद दे कर कन्यादान किया गया. वहीं प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि दिनेश यादव सहित दर्जनों श्रद्धालुओं के द्वारा कन्यादान किया गया. मौके पर यज्ञ के नेतृत्वकर्ता जयदेव महाराज, सुनील कुमार वर्मा, सुधीर मंडल, मथुरा यादव, ब्रह्मदेव यादव, विपिन यादव, शंभु नाथ मंडल राजेंद्र मंडल सहित अन्य मौजूद थे.

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