[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार लखीसराय कक्षा एक से संस्कृत की पढ़ाई शुरू कराने की मांग

कक्षा एक से संस्कृत की पढ़ाई शुरू कराने की मांग

0
कक्षा एक से संस्कृत की पढ़ाई शुरू कराने की मांग

बड़हिया. उत्क्रमित मध्य विद्यालय फदरपुर के संस्कृत शिक्षक पीयूष कुमार झा ने राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद बिहार पटना के निदेशक एवं शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र लिखकर बिहार के सरकारी विद्यालयों में कक्षा एक से संस्कृत विषय की पढ़ाई शुरू करने की मांग की है. अपने आवेदन में शिक्षक पीयूष कुमार झा ने कहा कि बिहार के सरकारी विद्यालयों में कक्षा एक से हिंदी, अंग्रेजी व उर्दू की पढ़ाई होती है. परंतु विश्व की सबसे प्राचीन भाषा संस्कृत की पढ़ाई कक्षा छह से शुरू होती है. जिससे संस्कृत भाषा की उपेक्षा हो रही है. जिससे छात्र संस्कृत विषय के प्रति उदासीनता दिखाते हैं. इस संबंध में शिक्षक पीयूष कुमार झा ने बताया कि शिक्षा विभाग व एससीईआरटी के द्वारा संस्कृत विषय की घोर उपेक्षा की जा रही है. विभाग द्वारा सभी विषयों के लिए शिक्षण कला व मूल्यांकन को सुलभ बनाने के लिए अधिगम प्रतिफल का निर्माण किया गया. परंतु संस्कृत विषय के लिए अधिगम प्रतिफल का निर्माण नहीं किया गया है. जिससे संस्कृत शिक्षकों को पाठटीका व पाठ योजना तैयार करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel