[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार किशनगंज वाराणसी-सिलीगुड़ी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर से जगी उम्मीद, 320 KMPH की रफ्तार से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन

वाराणसी-सिलीगुड़ी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर से जगी उम्मीद, 320 KMPH की रफ्तार से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन

0
वाराणसी-सिलीगुड़ी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर से जगी उम्मीद, 320 KMPH की रफ्तार से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन
सांकेतिक फोटो

High Speed Rail Corridor: केंद्रीय बजट में घोषित 700 किलोमीटर लंबे हाईस्पीड रेल कॉरिडोर ने सीमांचल के लोगों में विकास की नयी उम्मीदें जगा दी हैं. वाराणसी से सिलीगुड़ी तक प्रस्तावित इस कॉरिडोर के मार्ग की आधिकारिक घोषणा अभी शेष है, लेकिन तकनीकी जानकारों और क्षेत्र के निवासियों में इसे लेकर भारी उत्साह है. यदि यह कॉरिडोर सिलीगुड़ी से पटना के बीच दरभंगा होकर गुजरता है, तो इसका लाभ ठाकुरगंज व फारबिसगंज को मिलेगा. कटिहार से रूट होने पर किशनगंज और बेगूसराय सीधे जुड़ेंगे.

हवाई सेवा जैसी गति, ट्रेन जैसा आराम

सूत्रों के अनुसार, इस हाईस्पीड कॉरिडोर पर ट्रेनें 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी. यह रफ्तार वंदे भारत, अमृत भारत और राजधानी जैसी ट्रेनों से भी कई गुना अधिक होगी. अनुमान है कि वाराणसी से सिलीगुड़ी का सफर महज 2 घंटे 55 मिनट में पूरा हो जाएगा. वहीं, वाराणसी से दिल्ली तक का सफर भी करीब 3 घंटे 50 मिनट में तय होगा. सबसे खास बात यह है कि यात्रियों को हवाई अड्डे की तरह घंटों पहले पहुंचने की मजबूरी नहीं होगी, जिससे कुल यात्रा समय में भारी बचत होगी.

रोजगार व व्यापार के खुलेंगे नये द्वार

यह कॉरिडोर न केवल सफर आसान बनाएगा, बल्कि सीमांचल के आर्थिक परिदृश्य को भी बदल देगा. जानकारों का मानना है कि बुलेट या सेमी बुलेट ट्रेन की सुविधा मिलने से क्षेत्र में स्थायी और अस्थायी रोजगार के अवसर पैदा होंगे. जिस मार्ग से यह ट्रेन गुजरेगी, वहां छोटे-बड़े उद्योग और व्यावसायिक केंद्र विकसित होंगे. इसके साथ ही माल ढुलाई की गति बढ़ने से स्थानीय व्यापारियों को बड़ा बाजार मिलेगा.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

हाईस्पीड रेल कॉरिडोर उत्तर बंगाल व सीमांचल को सीधे देश की राजधानी दिल्ली व धार्मिक नगरी काशी से जोड़ेगा. इससे बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं और दर्शनीय स्थलों की यात्रा करने वाले पर्यटकों को काफी सहूलियत होगी. उल्लेखनीय है कि नेशनल रेल प्लान 2021 के तहत इस पर लंबे समय से मंथन चल रहा था, जो अब धरातल पर उतरता दिख रहा है.

इसे भी पढ़ें: हड़ताल पर गए कर्मियों पर लागू होगा नो वर्क नो पे, जमीन से जुड़े काम चलते रहेंगे, सरकार ने जारी किए आदेश

Previous article अज्ञात वाहन की चपेट में आने से महिला की मौत
Next article आवश्यक व्यवस्था नहीं होने पर दो केंद्राधीक्षकों से शोकॉज
Avatar Of Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel