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मॉक ड्रील कर परिवहन विभाग लोगों को किया जागरूक

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मॉक ड्रील कर परिवहन विभाग लोगों को किया जागरूक

किशनगंज. सड़क हादसा होने के बाद एक घंटे के अंदर मरीज को सही इलाज मिल जाए तो उसकी जान बचने की उम्मीद बढ़ जाती है. इसीलिए हादसे के बाद के पहले एक घंटे को गोल्डन आवर कहा जाता है. सड़क हादसों में घायलों की तत्काल मदद के उद्देश्य से आमजन को प्रेरित व प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार ने गुड सेमेरिटन योजना शुरू की है. इस योजना को गति देने को ले जिला परिवहन विभाग इंडियन रेडक्रास सोसाइटी के सहयोग से सड़क सुरक्षा माह के तहत आमजनों को जागरूक करने के क्रम में शहर के केलटैक्स चौक पर मॉक ड्रील का आयोजन किया. इस अवसर पर जिला परिहवन पदाधिकारी अरुण कुमार ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना होने पर आप तुरंत एम्बुलेंस को कॉल करें. साथ ही दुर्घटना की जानकारी अपने नजदीकी पुलिस चौकी को दें. जख्मी व्यक्ति को नजदीकी अस्पताल ले जाएं. आपातकालीन संपर्क नंबर पर कॉल करें, दुर्घटना से नजरें ना चुराये, मदद का अपना हाथ बढाएं और उन्हें सहायता करें. उन्होंने बताया कि गुड सेमेरिटन नियम उन लोगों के लिए बुनियादी कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है, जो घायल व्यक्ति की सहायता करते हैं. गुड सेमेरिटन को पुलिस द्वारा पूछताछ या साक्षी बनने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा. डीटीओ अरुण कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने पर, गुड सेमेरिटन के पुरस्कार की राशि दी जाएगी. पीड़ित को वाहन से अस्पताल ले जाने पर हुये व्यय की पूर्ति का प्रावधान है. मदद करने वाले व्यक्ति को परेशान नहीं करेगी पुलिस

इसका मुख्य उद्देश्य हादसे में मदद करने वाले व्यक्ति को अनावश्यक पुलिस कार्रवाई से बचाना और सहायता करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहन स्वरूप सम्मानित करना है. मदद करने वाले व्यक्ति की जानकारी डाक्टर की ओर से स्थानीय पुलिस को दी जाती है. पुलिस गुड सेमेरिटन का नाम-पता, घटना का विवरण, मोबाइल नंबर आदि की निर्धारित प्रारूप में जानकारी देती है. जिलाधिकारी की अध्यक्षता में प्रत्येक जिले में गठित जिला अप्रेजल कमेटी गुड सेमेरिटन के लिए आए प्रस्तावों पर विचार कर अनुमोदित करती है. इसके बाद प्रदेश स्तर से प्रशस्ति पत्र व नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया जाता है. इस अवसर पर रेड क्रॉस के सचिव मिक़्क़ी साहा, एमवीआई सर्वेश कुमार, रविंदर कुमार, तरुण कुमार चंचल मुखर्जी मौसम राज मौजूद थे.

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