213 किमी का नेटवर्क और 4 मेगा प्रोजेक्ट: सीमांचल का सबसे बड़ा जंक्शन बनने की राह पर ठाकुरगंज
Amrit Bharat Station Scheme: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन का कायाकल्प सिर्फ सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है. भविष्य में पूर्वोत्तर भारत के इस प्रवेश द्वार पर ट्रेनों के बढ़ते दबाव को संभालने के लिए रेलवे ने मास्टर प्लान में अतिरिक्त पटरियों और नए प्लेटफॉर्म्स के लिए कॉरिडोर सुरक्षित कर लिया है.
मुख्य बातें:
ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट
Amrit Bharat Station Scheme: किशनगंज जिले का ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन आने वाले समय में सीमांचल और उत्तर-पूर्व भारत के रेल मानचित्र पर एक बड़े जंक्शन के रूप में उभरने के लिए तैयार है. ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत जारी ठाकुरगंज स्टेशन के नए मास्टर प्लान ने साफ कर दिया है कि रेलवे इसे एक सामान्य हॉल्ट या स्टेशन के बजाय भविष्य की परिचालन जरूरतों के मुताबिक एक रणनीतिक हब बना रहा है. इस महायोजना का सबसे बड़ा और तकनीकी पहलू मौजूदा पटरियों के समानांतर अतिरिक्त रेलवे ट्रैक बिछाने और नए प्लेटफॉर्म तैयार करने का प्रावधान है, जो ठाकुरगंज को एक नए दौर की रेल क्रांति का केंद्र बनाएगा.
इन 4 बड़ी रेल परियोजनाओं से जुड़ेगा 213 किलोमीटर का नेटवर्क
- मंजूर हो चुकी लाइनें: रेलवे बोर्ड द्वारा 56 किलोमीटर लंबे ‘ठाकुरगंज–सिलीगुड़ी रेलखंड’ और 19 किलोमीटर लंबे ‘ठाकुरगंज–अलुआबाड़ी रोड रेलखंड’ के दोहरीकरण (Double Line) प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी जा चुकी है.
- सर्वे और नए रूट का प्रस्ताव: इसके अलावा, 111 किलोमीटर लंबे ‘ठाकुरगंज–अररिया रेलखंड’ के दोहरीकरण का तकनीकी सर्वे पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 27 किलोमीटर लंबी ‘ठाकुरगंज–चतरहाट नई रेल लाइन’ भी पाइपलाइन में है. इन चारों को मिलाकर कुल 213 किमी का नया रेल जाल बुनेगा.
सौंदर्यीकरण नहीं, भविष्य के परिचालन की जरूरतों पर फोकस
रेल विशेषज्ञों के मुताबिक, ठाकुरगंज की भौगोलिक स्थिति बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों के मुहाने पर है. इसी कारण इस स्टेशन का विकास भविष्य की माल ढुलाई और यात्री क्षमता को ध्यान में रखकर किया जा रहा है.
मास्टर प्लान में सुरक्षित कॉरिडोर के साथ-साथ पैसेंजर्स के लिए आधुनिक स्टेशन भवन, महिला व पुरुष प्रतीक्षालय, वीआईपी लाउंज, अत्याधुनिक फुट ओवर ब्रिज (FOB), विस्तारित प्लेटफॉर्म शेल्टर, विशाल पार्किंग एरिया और स्टेशन में प्रवेश व निकास के लिए अलग-अलग (आगमन एवं प्रस्थान) मार्ग का प्रावधान किया गया है, ताकि स्टेशन परिसर में कभी जाम की स्थिति न बने.
Amrit Bharat Station Scheme: मास्टर प्लान तैयार, अंतिम बजटीय स्वीकृति आना अभी बाकी
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मास्टर प्लान में अतिरिक्त रेलवे ट्रैक का प्रावधान करना एक दूरदर्शी ब्लूप्रिंट है. पाठकों और आम जनता के लिए यह जानना जरूरी है कि इसे अभी दोहरीकरण या नई लाइनों की अंतिम प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति नहीं माना जा सकता. इन सभी चिन्हित ग्राउंड प्रोजेक्ट्स के वास्तविक क्रियान्वयन और निर्माण के लिए रेल मंत्रालय द्वारा अलग से बजटीय आवंटन जारी किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया विभिन्न स्तरों पर प्रगति पर है.
जैसे ही 213 किलोमीटर की ये चारों परियोजनाएं धरातल पर उतरेंगी, ठाकुरगंज स्टेशन केवल सीमांचल ही नहीं, बल्कि उत्तर-पूर्व भारत के लिए भी एक प्रमुख और व्यस्ततम रेल जंक्शन के रूप में स्थापित हो जाएगा.
