[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार किशनगंज अब 180 कार्य दिवस की अवधि तक स्वघोषणा कर सकेंगे रैयत

अब 180 कार्य दिवस की अवधि तक स्वघोषणा कर सकेंगे रैयत

0
अब 180 कार्य दिवस की अवधि तक स्वघोषणा कर सकेंगे रैयत

किशनगंज.बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त के काम में आज रैयतों के पक्ष में एक बड़ा निर्णय लिया गया है. रैयतों के द्वारा अपने दस्तावेजों को जमा करने यानि स्वघोषणा की तिथि 30 दिन से बढ़ाकर 180 कार्यदिवस कर दी गई है. इससे संबंधित राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रस्ताव ””बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त (संशोधन) नियमावलो, 2024 को आज कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. यह संशोधन बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त नियमावली 2012 (यथा संशोधित-2019) में किया गया है. पूर्व में अधिसूचना की तिथि से 30 कार्यदिवस तक स्वघोषणा जमा करने का प्रावधान था. अब उद्घोषणा की तिथि से 180 दिनों तक का काम समाप्त किए जाने के पूर्व तक, रैयतों के द्वारा स्वघोषणा जमा की जा सकेगी. 20 अगस्त, 2024 तक बिहार के सभी जिलों में उदघाषणा कर दी गई थी. इसके अनुसार अब मार्च, 2025 के आखिर तक स्वघोषणा जमा करने की छूट दे दी गई है. भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त में स्वघोषणा के जरिए रैयत अपनी जमीन का ब्यौरा सर्वे कर्मियों क समक्ष उपलब्ध कराता है. इसमें रैयत द्वारा खरीदी गई जमीन, खतियान, वंशावली एवं बंटवारा का विवरण प्रपत्र 2 एवं प्रपत्र 3 (1) में भरकर या तो सर्वे शिविर में जमा किया जाता है या फिर भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय की वेबसाइट पर अपलोड किया जाता है. इन कागजातों से खानापुरी के समय अधिकार अभिलेख बनाने मे सर्वे कर्मियों को मदद मिलती है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा है कि भू-अभिलेखों की अनुपलब्धता की वजह से आम लोग परेशान हो रहे थे. उनके द्वारा स्वघोषणा की तिथि बढ़ाने का अनरोध किया जा रहा था जिसके मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है. उम्मीद है कि इस अवधि के दौरान अपने कागजात ठीक कर लेंगे और भूमि सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि आम लोगों की सुविधा के लिए विभाग ने कई और महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिनका कैबिनेट द्वारा अनुमोदन कर दिया गया है. किस्तवार का काम जिसमें गांवों का मानचित्र बनाया जाता ह, को पूर्ण करने की समयावधि 30 कार्य दिवस से बढ़ाकर 90 कार्य दिवस की गई है. मौजा बड़ा होने पर यह निर्णय लेने का अधिकार बंदोबस्त पदाधिकारियों को दिया गया है. इसी प्रकार प्रपत्र-8 में दावा/आपत्ति देने की समयावधि भी 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दी गई है. है. खानापुरी पर्चा मिलने के बाद रैयत अपनी जमीन से संबंधित ब्यौरा से असंतुष्ट होने पर प्रपत्र-8 में सर्वे शिविर में आपत्ति दर्ज करता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel