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Home बिहार किशनगंज जिले के राष्ट्रीय स्तर के एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन के लिए सदर अस्पताल का रीजनल स्तरीय टीम करेगी मूल्यांकन

जिले के राष्ट्रीय स्तर के एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन के लिए सदर अस्पताल का रीजनल स्तरीय टीम करेगी मूल्यांकन

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जिले के राष्ट्रीय स्तर के एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन के लिए सदर अस्पताल का रीजनल स्तरीय टीम करेगी मूल्यांकन

फोटो 1 बैठक को संबोधित करते डीएस डॉ अनवर हुसैन

एनक्यूएएस चेकलिस्ट के अनुसार किया जायेगा निरीक्षण : सिविल सर्जन

प्रतिनिधि,किशनगंज

नेशनल क्वालिटी एश्यूरेंस स्टैंडर्ड सर्टिफिकेशन के लिए जिले के सदर अस्पताल का जल्द ही रीजनल स्तरीय टीम के द्वारा निरीक्षण किया जाना तय है टीम के सदस्यों के द्वारा मौजूद चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों से स्वास्थ्य संस्थान के संचालन तथा रख-रखाव से संबंधित सवाल किये तथा एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन के लिए चेक लिस्ट के अनुसार मूल्यांकन कार्य किया जाना है. इसके लिए सदर अस्पताल के लक्ष्य प्रमाणीकरण के बाद एनक्यूएएस के राष्ट्रीय प्रमाणीकरण पर जोर दिया जा रहा है. इसके लिए माह के हर हफ्ते में एनक्यूएएस के अलग मानकों पर विकासात्मक समीक्षा भी हो रही है. गुरुवार को भी सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ अनवर हुसैन की अध्यक्षता में एसएनसीयू, एनआरसी, पिपियु, ब्लड बैंक, प्रयोगशाला सेवा, सामान्य प्रशासन एवं ओक्सिलियारी सेवा मातृत्व सहित 09 मानकों पर समीक्षा बैठक की गयी है. सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ अनवर हुसैन ने बताया कि जिले के सदर अस्पताल लक्ष्य और कायाकल्प में लगातार बेहतर प्रदर्शन करता रहा है. अब नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्वास) के पैमाने पर भी खरा उतरेगा. इसे लेकर जोर-शोर से तैयारी चल रही है. एनक्वास के पैमाने पर खरा उतरने के लिए सदर अस्पताल में किस तरह की तैयारी करनी है, इसे लेकर साप्ताहिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया है, उन्होंने बताया की अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं, एडमिन, ओटी, लेबर रूम इत्यादि में और क्या बेहतर हो सकता है, उन्होंने बताया की सदर अस्पताल में बहुत सारी चीजें ठीक हैं. यहां मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं. हालांकि इसके बावजूद सुधार की कुछ गुंजाइश है, जिसपर लगातार कार्य किया जा रहा है. ओपीडी, ओटी, लेबर रूम इत्यादि पहले से ही बेहतर काम कर रहा है. इसका परिणाम भी सामने आ चुका है. जटिल से जटिल रोगों का यहां पर इलाज हो रहा है. जिले के मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ रहा है और न ही निजी अस्पतालों का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है. सिजेरियन, एक्सरे, किडनी मरीजों के लिए डायलिसिस तक की सुविधा यहां पर है. इन सुविधाओं का लाभ आसपास के जिले के लोग भी उठा रहे हैं. पिछले सालों में लक्ष्य और कायाकल्प में बेहतर प्रदर्शन इसका प्रमाण है. मुझे उम्मीद है कि जल्द ही सदर अस्पताल एनक्वास के पैमाने पर भी खरा उतरेगा और यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी.

एनक्यूएएस चेकलिस्ट के अनुसार किया जायेगा निरीक्षण

सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ अनवर हुसैन ने बताया की रीजनल टीम निरीक्षण कार्य के दौरान ने जांच घर की व्यवस्था, उपकरणों की उपलब्धता तथा उसके क्रियाशील होने की जानकारी ली जायेगी. इस दौरान टीम ने गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच, गर्भवती के आवश्यक टीकाकरण तथा इसकी उपलब्धता को समझा जायेगा. परिवार नियोजन की स्थायी और अस्थायी साधनों सहित लाभूक को दिये जाने वाले अंतरा इंजेक्शन, दवा के रखरखाव तथा वितरण की जानकारी लेते हुए संधारण रजिस्टर की जांच, टीकाकरण के लिए वैक्सीन करियर एवं इसके साथ जेनरल क्लिनिक में मरीजों को दी जाने वाली पर्ची सहित सामान्य प्रशासन का निरीक्षण किया जाना है. जिसके लिए सभी विभागों को तैयार किया जा रहा है.

एनक्वास से सर्टिफिकेट मिलने के बाद सुविधाएं बढ़ेंगी

सिविल सर्जन डॉ राजेश कुमार ने बताया की सदर अस्पताल को एनक्वास सर्टिफिकेशन मिल जाता है तो एक प्रमाण पत्र के साथ तय राशि भी मिलेगी. साथ ही अस्पताल के छह विभागों को आयुष्मान योजना के तहत प्रतिदिन प्रति बेड 10-10 हजार रुपये तीन सालों तक दिया जायेगा. इससे यहां पर इलाज कराने आने वाले मरीजों को फायदा होगा. उन्हें गंभीर बीमारी के इलाज के लिए पटना या फिर किसी निजी अस्पताल का दरवाजा नहीं खटखटाना पड़ेगा.

सदर अस्पताल के लेबर रूम में नए अत्याधुनिक लेबर टेबल लगाये गये

सिविल सर्जन डॉ राजेश कुमार ने बताया की मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग के तीन स्तर पर प्रमाणीकरण के लिए लक्ष्य का निर्धारण किया गया है. जिसमें पहले चरण में कायाकल्प, दूसरे चरण में लक्ष्य एवं तीसरे चरण में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्वास) प्रमाणीकरण योजना की शुरुआत की गई है. राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक कार्यक्रम के तहत महिलाओं और शिशुओं के लिए अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं में लगातार अत्याधुनिक मशीन लगे जा रही है, वर्तमान में लेबर रूम में नए 04 लेबर टेबल लगाया गया है जिसका लाभ मरीजों को अवश्य मिलेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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