मुख्य बातें:
किशनगंज से गौरव कुमार की रिपोर्ट
Phulwaria Bazar Street Vendors: किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र सहित आस-पास के इलाकों में इन दिनों रिकॉर्डतोड़ गर्मी और जानलेवा उमस का प्रकोप जारी है. इस भीषण तपिश के बीच आम जनता तक रोजमर्रा की जरूरत का सामान पहुंचाने वाले गरीब फुटकर (स्ट्रीट) विक्रेता भारी प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं. दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आकर फुलवरिया बाजार में दुकान लगाने वाले छोटे व्यापारियों को इस मौसम में खुले आसमान के नीचे बैठकर व्यापार करना पड़ रहा है. स्थानीय दुकानदारों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा बाजार के पुराने स्वरूप को उजाड़कर बनाए गए एक दोषपूर्ण शेड निर्माण के कारण आज दर्जनों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है.
ओपन मार्केट को तोड़कर बना दिया गोदाम; छोटे दुकानदारों की जगह छिनी
- पहले थी छाया की व्यवस्था: स्थानीय दुकानदारों ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि पूर्व में फुलवरिया बाजार में एक व्यवस्थित ‘ओपन मार्केट’ (खुला बाजार) हुआ करता था. वहां फुटकर विक्रेताओं के लिए पर्याप्त जगह और छाया थी, जिससे वे धूप और बरसात से बचकर अपना व्यवसाय आसानी से चला लेते थे.
- शेड बना सफेद हाथी: दुकानदारों का सीधा आरोप है कि प्रशासन ने उस चालू ओपन मार्केट को ध्वस्त कर वहां एक बड़ा शेड खड़ा कर दिया, जो वर्तमान में पूरी तरह जर्जर हो चुका है. यह शेड फुटकर विक्रेताओं के किसी काम आने के बजाय अब एक बंद ‘गोदाम’ के रूप में तब्दील हो चुका है.
- मुख्य बाजार से हुए बाहर: इस निर्माण के कारण छोटे दुकानदारों की पारंपरिक जगह छिन गई है और वे मुख्य बाजार परिसर से बाहर धकेल दिए गए हैं.
चिलचिलाती धूप में बैठने को मजबूर गुना देवी और शिबू दास, घट गए ग्राहक
फुटकर विक्रेता गुना देवी, आरती देवी, चलाकी देवी, गंगा प्रसाद, शिबू दास और भोला सिंह सहित कई दुकानदारों ने बताया कि इस गोदाम नुमा जर्जर शेड से बाजार को फायदे के बजाय सिर्फ नुकसान हुआ है. दोपहर की चिलचिलाती धूप में कई-कई घंटे खुले में बैठना जानलेवा साबित हो रहा है. छांव न होने के कारण ग्राहक भी दोपहर में बाजार आने से कतरा रहे हैं, जिससे उनकी दैनिक बिक्री आधी रह गई है और बाजार की रौनक गायब हो रही है.
Phulwaria Bazar Street Vendors: जर्जर शेड को तोड़कर दोबारा ओपन मार्केट बनाने की उठी मांग
पीड़ित फुटकर विक्रेताओं और स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन तथा टेढ़ागाछ प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) से सामूहिक रूप से मांग की है कि इस अनुपयोगी और जर्जर हो चुके मार्केट शेड को अविलंब तोड़ा जाए. इसकी जगह पर दोबारा पहले की तरह सुरक्षित, हवादार और छायादार ‘ओपन मार्केट’ का निर्माण कराया जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर इन फुटकर विक्रेताओं को धूप-पानी से सुरक्षा मिल सके और वे सम्मानजनक तरीके से अपनी जीविका चला सकें.
