किशनगंज से गौरव कुमार की रिपोर्ट
Kishanganj Weather : सीमांचल में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है. रविवार सुबह से ही किशनगंज जिले के अधिकांश हिस्सों में घने बादलों का डेरा है. मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार जिले में दिनभर गरज-चमक के साथ बारिश होने की प्रबल संभावना है. ठाकुरगंज, बहादुरगंज और किशनगंज शहर में 90 प्रतिशत से अधिक बारिश की संभावना जतायी गयी है. इसके साथ ही कई इलाकों के लिए वज्रपात और तेज बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है.
सुबह से छाये घने बादल, मौसम ने बदला मिजाज
रविवार सुबह से ही किशनगंज जिले में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया. जिले के अधिकांश हिस्सों में घने बादल छाये रहे. सुबह सात बजे तक ठाकुरगंज में तापमान 26 डिग्री सेल्सियस, जबकि बहादुरगंज और किशनगंज मुख्यालय में 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि दोपहर तक तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. लेकिन बादलों की आवाजाही और बारिश के कारण तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहेगा.
ठाकुरगंज और बहादुरगंज में 91%, किशनगंज शहर में 96% बारिश की संभावना
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक ठाकुरगंज और बहादुरगंज में लगभग 91 प्रतिशत, जबकि किशनगंज शहर में 96 प्रतिशत तक बारिश होने की संभावना है. सुबह से ही वातावरण में नमी का स्तर काफी अधिक है, जिसके कारण लोगों को उमस भी महसूस हो रही है.
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसूनी गतिविधियां आने वाले घंटों में और तेज हो सकती हैं. ऐसे में जिले के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है.
Kishanganj Weather : गोथरा और पोठिया में हुई बारिश, किसानों को मिली राहत
जिले के कुछ हिस्सों में सुबह से ही बारिश दर्ज की गयी. गोथरा क्षेत्र में लगभग 32 मिलीमीटर और पोठिया क्षेत्र में करीब दो मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गयी है.
लगातार हो रही बारिश से धान की रोपाई में जुटे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है. पिछले कुछ दिनों से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण किसान चिंतित थे. अब मानसून की सक्रियता से कृषि कार्यों को गति मिलने की संभावना बढ़ गयी है.
निचले इलाकों में बढ़ सकती है परेशानी
बारिश जहां किसानों के लिए राहत लेकर आयी है, वहीं निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गयी है. लगातार बारिश की स्थिति में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो सकती है.
मौसम विशेषज्ञों ने आशंका जतायी है कि यदि अगले 48 घंटे तक मानसूनी गतिविधियां इसी तरह जारी रहीं तो जिले की छोटी नदियों और नालों के जलस्तर में वृद्धि हो सकती है. इससे निचले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या गहरा सकती है.
वज्रपात और तेज हवा को लेकर प्रशासन सतर्क
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों. खराब मौसम के दौरान आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें.
प्रशासन भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. अधिकारियों ने लोगों से मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
अगले 48 घंटे रहेंगे महत्वपूर्ण
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सीमांचल में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है. यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं.
ऐसे में आम लोगों, किसानों और प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है.
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