[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार किशनगंज ठाकुरगंज में खिले ड्रैगन फ्रूट के फूल, अनोखे नजारे को देखने उमड़ी लोगों की भीड़

ठाकुरगंज में खिले ड्रैगन फ्रूट के फूल, अनोखे नजारे को देखने उमड़ी लोगों की भीड़

0
ठाकुरगंज में खिले ड्रैगन फ्रूट के फूल, अनोखे नजारे को देखने उमड़ी लोगों की भीड़
ड्रैगन फ्रूट के फूल
ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट:

रात में खिलते हैं फूल, सुबह होते ही मुरझा जाते हैं

सूबे को ड्रैगन फ्रूट की सफल खेती के लिए नई पहचान देने वाले ठाकुरगंज नगर क्षेत्र के एक बगीचे में सोमवार की रात एक अद्भुत नजारा देखने को मिला. पौधों में एक साथ दर्जनों बड़े, सफेद और अत्यंत सुगंधित फूल खिले. जानकारों के मुताबिक, ड्रैगन फ्रूट के फूल केवल रात में ही पूरी तरह से खिलते हैं और सुबह होते-होते मुरझाने लगते हैं. इसी अनूठी विशेषता के कारण इसे “क्वीन ऑफ द नाइट” भी कहा जाता है. बगीचे में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में फूलों का खिलना इस बार बंपर पैदावार का मजबूत संकेत माना जा रहा है.

कलियों से फल बनने का सफर है बेहद रोचक

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, ड्रैगन फ्रूट के फल बनने की प्रक्रिया काफी दिलचस्प होती है. सबसे पहले पौधों में नई शाखाएं निकलती हैं, जिनके किनारों पर छोटी-छोटी कलियां बनती हैं. करीब 12 से 18 दिनों में ये कलियां बड़े फूल का रूप ले लेती हैं. रात में फूल खिलने के दौरान परागण की प्रक्रिया पूरी होती है, जिसके बाद फल बनने की शुरुआत होती है.

फूल के मुरझाने के महज 5 से 7 दिनों के भीतर उसके पीछे एक छोटा हरा फल दिखाई देने लगता है. अगले 15 से 20 दिनों में यह फल तेजी से बड़ा होता है और इसका रंग हरे से बदलकर गुलाबी या गहरा लाल हो जाता है. सामान्य तौर पर, फूल खिलने के 30 से 45 दिनों के भीतर फल पूरी तरह से पककर तैयार हो जाता है.

ठाकुरगंज में तेजी से बढ़ रहा है ड्रैगन फ्रूट का रकबा

ठाकुरगंज क्षेत्र में साल 2014 से ड्रैगन फ्रूट की खेती की शुरुआत हुई थी, जो आज एक बड़े पैमाने पर पहुंच चुकी है. सीमांचल की जलवायु और यहां की मिट्टी को इस नकदी फसल के लिए बेहद अनुकूल माना जा रहा है. कम पानी की आवश्यकता, लागत के मुकाबले शानदार पैदावार और बाजार में मिलने वाली ऊंची कीमत के कारण स्थानीय किसान तेजी से पारंपरिक खेती छोड़ इसकी ओर आकर्षित हो रहे हैं.

स्थानीय किसानों का कहना है कि ड्रैगन फ्रूट का पौधा एक बार तैयार हो जाने के बाद कई सालों तक लगातार फल देता है. एक ही सीजन में पौधों में कई बार फूल और फल आते हैं. कृषि विशेषज्ञों को उम्मीद है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम अनुकूल रहा, तो इस बार क्षेत्र में ड्रैगन फ्रूट का रिकॉर्ड उत्पादन देखने को मिलेगा.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel