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Home बिहार किशनगंज बच्चों में दिखनेवाले असामान्य लक्षण को नहीं करें नजरअंदाज : सीएस

बच्चों में दिखनेवाले असामान्य लक्षण को नहीं करें नजरअंदाज : सीएस

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बच्चों में दिखनेवाले असामान्य लक्षण को नहीं करें नजरअंदाज : सीएस

आरबीएसके के माध्यम से दो बच्चे बेहतर इलाज के लिए पटना रवाना

प्रतिनिधि, किशनगंज

जन्म के साथ ही बच्चों में पायी जानेवाली गंभीर बीमारियां न केवल परिवार के लिए चिंता का कारण बनती हैं, बल्कि समय पर इलाज न मिलने से बच्चों के जीवन के लिए भी खतरा बन सकती हैं. बाल हृदय रोग (जन्मजात हृदय रोग) ऐसी ही एक गंभीर समस्या है. इसमें बच्चे के दिल की बनावट जन्म से ही सामान्य नहीं होती. जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग लगातार सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है. गुरुवार को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत दो मरीज अल्फाज हुसैन (जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित) और अनीशा कुमारी (कटे होंठ एवं तालू की समस्या) को सदर अस्पताल से उन्नत उपचार के लिए आइजीआइएमएस पटना के लिए रवाना किया गया.

बाल हृदय रोग पर विशेष फोकस, 34 बच्चों को मिला नया जीवन

जिले में बाल हृदय रोग को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष रणनीति के तहत कार्य किया जा रहा है. आरबीएसके टीम द्वारा स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और समुदाय स्तर पर नियमित स्क्रीनिंग की जा रही है, ताकि बीमारी की पहचान प्रारंभिक अवस्था में हो सके. इसका सकारात्मक परिणाम यह है कि अब तक जिले के 34 बच्चों का सफल हृदय ऑपरेशन कराया जा चुका है. यह उपलब्धि न केवल चिकित्सा व्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के लिए आशा की किरण भी है.

कटे होंठ और तालू के बच्चों के लिए भी निरंतर पहल

कटे होंठ और तालू जैसी जन्मजात समस्याएं बच्चे के खान-पान, बोलने व सामाजिक विकास में बाधा बनती हैं. आरबीएसके के माध्यम से ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ संस्थानों में निशुल्क सर्जरी और उपचार की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है, जिससे वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकें. सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि जन्मजात हृदय रोग और अन्य विकृतियों में समय पर जांच व इलाज अत्यंत आवश्यक है. अभिभावक बच्चों में दिखनेवाले किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें. आरबीएसके के तहत जांच, रेफरल और इलाज पूरी तरह निशुल्क है. हमारा प्रयास है कि जिले का कोई भी बच्चा इलाज से वंचित न रहे. जिला पदाधिकारी विशाल राज ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य जिले की प्राथमिकता है. सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का लाभ उठाएं और नियमित स्वास्थ्य जांच को गंभीरता से लें. जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि हर जरूरतमंद बच्चे को समय पर बेहतर इलाज मिल सके.

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