मुख्य बातें:
किशनगंज, बेलवा से मुकेश कुमार की रिपोर्ट
Block Chowk Damaged Bridge: किशनगंज सदर प्रखंड क्षेत्र से ग्रामीण सड़क अवसंरचना की बदहाली और प्रशासनिक उदासीनता की एक बड़ी तस्वीर सामने आई है. पुल के एप्रोच यानी चढ़ान वाले मुख्य हिस्से की मिट्टी और पीच पूरी तरह धंस चुकी है, जिससे वहाँ बड़े-बड़े और जानलेवा गड्ढे उभर आए हैं. इन गड्ढों के कारण वाहनों को पुल पर चढ़ने और उतरने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है. स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि लोक शिकायत निवारण और विभागीय अधिकारियों को सूचित किए जाने के बावजूद महीनों से इस दिशा में कोई सुधि नहीं ली गई है.
मानसून की बारिश ने बढ़ाई आफत; ट्रैक्टर और ऑटो पलटने का बना रहता है खतरा
- बारिश से और गहरे हुए जख्म: स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कई महीनों से एप्रोच रोड की मरम्मत नहीं की गई है. हालिया मानसूनी बारिश के पानी के ठहराव के कारण एप्रोच के गड्ढे और अधिक गहरे व जानलेवा हो गए हैं.
- संतुलन खो रहे वाहन: दोपहिया से लेकर चारपहिया वाहनों तक को पुल पर चढ़ते समय खतरनाक झटके लगते हैं. सबसे ज्यादा परेशानी माल लादकर चलने वाले ट्रैक्टरों, सवारी ऑटो और बाइक सवारों को हो रही है, जो आए दिन इन गड्ढों में फंसकर अनियंत्रित हो रहे हैं.
रात के अंधेरे में बढ़ जाता है मौत का सफर; राहगीरों ने बयां की पीड़ा

ग्रामीण मो. शमीम ने बताया कि पुल पर चढ़ते समय गाड़ियों का संतुलन अचानक बिगड़ जाता है. सामान लदी गाड़ियों के पलटने की संभावना हर वक्त बनी रहती है. सबसे बदतर स्थिति रात के समय होती है, जब स्ट्रीट लाइट न होने के कारण ये गहरे गड्ढे वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते और वे सीधे हादसे का शिकार हो जाते हैं. इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों स्कूली बच्चे, किसान और प्रखंड कार्यालय के कर्मचारी गुजरते हैं, जिनकी जान दांव पर लगी हुई है.
Block Chowk Damaged Bridge: जिला प्रशासन से अविलंब मरम्मत कार्य शुरू कराने की पुरजोर मांग
पिपला और बेलवा क्षेत्र के जागरूक ग्रामीणों ने किशनगंज जिला पदाधिकारी (DM) और ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) के कार्यपालक अभियंता से सामूहिक रूप से गुहार लगाई है कि व्यापक जनहित, स्कूली बच्चों की सुरक्षा और आवागमन को सुगम बनाने के लिए इस पुल के एप्रोच मार्ग की युद्धस्तर पर तुरंत मरम्मत कराई जाए. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते एप्रोच को दुरुस्त कर संभावित दुर्घटनाओं को नहीं टाला गया, तो स्थानीय लोग मुख्य सड़क को जाम कर प्रशासनिक तंत्र के खिलाफ प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे.
