[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार किशनगंज नेत्र दान: ताकि कोई फिर से देख सके यह सुंदर दुनिया

नेत्र दान: ताकि कोई फिर से देख सके यह सुंदर दुनिया

0
नेत्र दान: ताकि कोई फिर से देख सके यह सुंदर दुनिया

अनूप चंद जी बरडिया के परिजनों ने मरणोपरांत किया उनका नेत्र दान, चहुंओर हो रही इस कदम की प्रशंसा पारिवारिक जनों द्वारा स्वर्गीय अनुप चंद जी बरडिया का कराया गया नेत्रदान मरणोपरांत भी व्यक्ति को जिंदा रखने का एक स्रोत है नेत्रदान. किशनगंज.अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के नेत्रदान आयाम में तेरापंथ युवक परिषद, किशनगंज शाखा के सहयोग से बरडिया परिवार द्वारा स्वर्गीय अनूप चंद जी बरडिया का मरणोपरांत नेत्रदान किया गया. इस नेक काम से इतिहास में के पन्नों में उनका नाम स्वर्णिम अक्षरों में अंकित हो गया. मिली जानकारी के अनुसार स्वर्गीय अनूप चंद बरडिया (79 वर्ष ) का देहांत 21 अक्टूबर 2024 सोमवार को लगभग दोपहर के 12 बजे हृदय गति रुकने से हुआ था. उनके परिवारजनों की सहमित से कटिहार मेडिकल कॉलेज से संपर्क साधा गया और वहां से प्रशिक्षित डॉक्टरों की एक टीम यहां आई और सफलतापूर्वक नेत्रदान उनके डांगी बस्ती रोड वार्ड नंबर 12 स्थित निज निवास पर कराया गया. कटिहार मेडिकल कॉलेज के डॉ अतुल मिश्रा के नेतृत्व में डॉक्टर हामिद अनवर एवं डॉक्टर मासूम वारिस खान के द्वारा सफलतापूर्वक नेत्रदान का कार्य संपन्न किया गया किशनगंज नेत्रदान के संयोजक अभिषेक कोठारी ने चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया. चिकित्सकों से जब यह पूछा गया कि एक नेत्रदान से कितने लोग लाभान्वित होते हैं तो उनके द्वारा जानकारी दी गई की एक नेत्रदान से लगभग 2 से 4 लोगों को रोशनी मिलती है. मानव हित में यह एक बहुत ही अहम कार्य है.तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष रोहित दफ्तरी ने डाक्टरों और परिवार को बहुत-बहुत साधुवाद दिया और साथ ही साथ सबसे निवेदन भी किया कि जब भी हमारे आस पड़ोस में कोई घटना दुर्घटना वश मृत्यु हो तो हमें नेत्रदान के लिए परिवार को जरूर प्रेरित करना चाहिए. इस माध्यम से हम अपने मृतक परिजन को मरणोपरांत भी जिंदा रख सकते हैं. नेत्रदान के बिहार प्रभारी शैलेश बैद ने पारिवारजनों का मानव सेवा के इस महान कार्य में सहभागी बन जागरूकता का परिचय देने के लिए आभार व्यक्त किया और अभातेयूप की तरफ से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर दिगंबर समाज के अध्यक्ष त्रिलोक चंद जैन, तेयुप अध्यक्ष श्री रोहित जी दफ्तरी, टीपीएफ अध्यक्ष विनीत दफ्तरी, तेयुप सचिव दिलीप सेठिया, अजय बैद, प्रकाश बोथरा, मनीष लुनिया, युवा मंच सचिव ऋषि अग्रवाल सहित समाज के अनेक लोग उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel