पटना से आनंद सिंह कौशिक की रिपोर्ट
Khan Sir Coaching Controversy: पटना के चर्चित कोचिंग विवाद और फायरिंग मामले में खान सर उर्फ फैजल खान की अग्रिम जमानत याचिका पर मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई 2026 को निर्धारित की है.
खान सर की ओर से वकील सत्यम झा ने बताया कि कांड संख्या 418/26 में तीन आरोपितों के मामले पर सुनवाई हुई, लेकिन कोर्ट ने इसे 3 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया. रौशन आनंद पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट में दलील दी कि गिरफ्तार किए गए एक बॉडीगार्ड के पास बरामद हथियार का लाइसेंस उत्तर प्रदेश का है, जबकि उसका उपयोग बिहार में किया जा रहा था. इसी संबंध में कोर्ट ने संबंधित थाना से डिटेल रिपोर्ट मांगी है.
लाइसेंस रद्द करने के लिए भेजा जाएगा प्रस्ताव
जानकारी के मुताबिक, पटना पुलिस खान सर उर्फ फैजल खान के दोनों बॉडीगार्ड्स के हथियारों का लाइसेंस रद्द करने का प्रस्ताव भेजेगी. दोनों बॉडीगार्ड्स के हथियार को जांच के लिए एफएसएल भेजा गया है. वहां से जैसे ही गोली चलाने की पुष्टि होगी, वैसे ही रद्द करने की अनुशंसा कर दी जाएगी.
हथियार वेरिफिकेशन के दौरान आईं ये जानकारियां
हथियार वेरिफिकेशन के दौरान कई जानकारियां सामने आईं हैं. जांच के बाद कई नए और गंभीर बिंदुओं को अपडेटेड केस डायरी का हिस्सा बनाया गया है, जो खान सर और उनके सुरक्षाकर्मियों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं. जिस हथियार से फायरिंग की गई थी, वह तालेबर सिंह का है. तालेबर सिंह उत्तर प्रदेश के कासगंज का निवासी है.
उसके नाम पर जारी हथियार लाइसेंस का परमिट पूरे भारत के लिए मान्य नहीं पाया गया है. उत्तर प्रदेश से बिहार में हथियार लेकर आने और यहां सुरक्षा ड्यूटी करने के लिए तालेबर सिंह के पास कोई वैध अनुमति नहीं थी. इसके बावजूद वह बिहार में अवैध रूप से बॉडीगार्ड की नौकरी कर रहा था.
बिहार की अन्य ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
दूसरे बॉडीगार्ड पर हथियार के गलत इस्तेमाल का आरोप
जबकि दूसरे बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार के हथियार की जब जांच की गई, तो पता चला कि उसका हथियार उत्तर प्रदेश के मैनपुरी का है. इस हथियार का ऑल ओवर इंडिया का परमिट तो है, लेकिन यह लाइसेंस प्रदीप को उसके पिता की हत्या के बाद केवल सेल्फ डिफेंस (आत्मरक्षा) के लिए दिया गया था.
जांच में आरोप लगा है कि प्रदीप ने सिक्योरिटी एजेंसी के साथ मिलकर निजी फायदे के लिए इस हथियार का गलत इस्तेमाल किया, जो कि आर्म्स लाइसेंस के तय मानकों का उल्लंघन है. इस मामले में दोनों पर जांच चल रही है. फिलहाल दोनों जेल में बंद हैं.
क्या था मामला?
कदमकुआं थाना इलाके के मुसल्लहपुर में 2 जून की रात दो कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद मामले में पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है. अनुसंधान से जुड़े पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रात 10 बजे के करीब खान कोचिंग सेंटर पर पथराव और गार्ड के साथ मारपीट की घटना हुई थी. लेकिन उनके बॉडीगार्ड्स की तरफ से फायरिंग घटना के करीब एक घंटे बाद की गई थी.
इसका मतलब है कि निजी सुरक्षाकर्मियों ने पथराव से आत्मरक्षा की बजाय दहशत फैलाने और डर का माहौल कायम करने के लिए ऐसा किया था. अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से देखा गया है. रात में करीब 10 बजे खान कोचिंग सेंटर पर पथराव और गार्ड के साथ मारपीट की घटना हुई थी. करीब एक घंटे बाद गार्ड की ओर से हवा में फायरिंग की गई थी. उस समय दूसरे पक्ष के लोग वहां से चले गए थे.
इसलिए दोनों गार्ड्स पर प्राथमिकी दर्ज कर उनका हथियार जब्त कर लिया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया. दोनों गार्ड्स के आर्म्स लाइसेंस का वेरिफिकेशन कराया गया, जिसमें दोनों अवैध तरीके से पटना में राइफल को रखे हुए थे, इसलिए लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा की जाएगी.
मामले में एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि दोनों सुरक्षाकर्मी के हथियार को जांच के लिए एफएसएल भेजा गया है. वहां से गोली चलाने की पुष्टि होगी और रिपोर्ट आएगा. इसके बाद हथियार के लाइसेंस को रद्द करने का प्रस्ताव भेजा जाएगा.
