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Home बिहार खगड़िया अंधविश्वास: सर्पदंश से बालक की हुई मौत, 48 घंटे से जीवित करने की चलती रही नौटंगी

अंधविश्वास: सर्पदंश से बालक की हुई मौत, 48 घंटे से जीवित करने की चलती रही नौटंगी

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अंधविश्वास: सर्पदंश से बालक की हुई मौत, 48 घंटे से जीवित करने की चलती रही नौटंगी

खगड़िया. गर्मी के समय में सांप जंगल से निकलकर घर में डेरा जमा रहे हैं. बीते एक सप्ताह में सर्पदंश से चार लोगों की मौत हो चुकी है. सर्प काटने के बाद सदर अस्पताल में इलाज का समुचित व्यवस्था है.अगर, कोई व्यक्ति को सांप काटता है तो इलाज संभव है.लेकिन, ग्रामीण क्षेत्र के लोग इलाज के जानकारी के अभाव व अंधविश्वास के जाल में फंसकर परिजन का जान गवां रहे हैं. ऐसा ही मामला अलौली थाना क्षेत्र के भिखारी घाट गांव से आया है. भिखारी घाट के वार्ड संख्या 8 निवासी बाल्मिकी पौद्दार के 13 वर्षीय पुत्र दिलखुश कुमार की बीते 31 मई की रात सांप काट लिया था. जिसके कारण दिलखुश की मौत हो गई. परिजन मृतक बालक दिलखुश को जीवित करने के लिए ओझा बीते 48 घंटे से नौटंगी कर रहा था. बताया जाता है कि स्थानीय ओझा से मृत बालक जीवित नहीं हुआ तो बाहर के ओझा को बुलाकर तंत्र मंत्र की विद्या से जीवित करने का नौटंगी करता है. लेकिन, इस दौरान पढ़े लिखे युवा, बुजूर्ग तामास्वीन बने रहे.

पुलिस को सूचना मिलते ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

बताया जाता है कि बीते 48 घंटे से अधिक समय से सर्पदंश से मौत बालक को जीवित करने का नौटंगी 48 घंटे से चल रहा था. हो गई. रविवार को किसी ने अलौली पुलिस को सूचना दे दी. पुलिस मृतक के घर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. पुलिस शव को पोस्टमार्टम करवाकर परिजन को सौंप दिया गया. बताया जाता है कि बाल्मिकी पौद्दार परदेश में रह कर मजदूरी कर परिवार को भरण पोषण करते हैं. दिलखुश दो बहन व एक भाई था. दिलखुश तीनों में सबसे बड़ा व एकलौता पुत्र था. दिलखुश की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है.

सोये अवस्था में बालक को काटा था विषैला सर्प

बताया जाता है कि बीते 31 मई की रात दिलखुश घर में सोया था. इसी दौरान विषैला सर्प दिलखुश के हाथ में काट लिया. परिजनों ने जख्मी दिलखुश को इलाज के लिए अलौली पीएचसी भर्ती कराया. जहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया. सदर अस्पताल में तैनात चिकित्सक भी जख्मी दिलखुश को इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया. बताया जाता है कि बेगूसराय इलाज के लिए जाने दौरान दिलखुश की रास्ते में मौत हो गई. बताया जाता है कि एक सप्ताह पूर्व परबत्ता में एक अधेड़ व चौथम में बालक तथा बेलदौर में भी एक बालक की सर्पदंश से मौत हो हुई थी. गर्मी में आए दिन सर्पदंश की घटना बढ़ जाती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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