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Home बिहार खगड़िया कुसंग और कलंक से दूर रह कर ही व्यक्ति यशस्वी बनता है : राघवेंद्र महाराज

कुसंग और कलंक से दूर रह कर ही व्यक्ति यशस्वी बनता है : राघवेंद्र महाराज

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कुसंग और कलंक से दूर रह कर ही व्यक्ति यशस्वी बनता है : राघवेंद्र महाराज

गोगरी. बुरी संगति और कलंक से लोगों को दूर रहना चाहिए. तब ही व्यक्ति यशस्वी बन सकता है. उक्त बातें नगर परिषद क्षेत्र के गौशाला परिसर में 2 जून से आयोजित श्रीमद् भागवत कथा चौथे दिन केरल से आए राघवेंद्र शास्त्री महाराज ने कही. शुक्रवार को कृष्ण के जन्म लीला का जीवंत चरित्र चित्रण किया गया. कार्यक्रम शुरू होने से पहले अशोक कुमार पंकज व धर्मपत्नी सोनी देवी ने सपरिवार संध्या आरती की.

जीवन में पुण्यदान से बड़ा कोई दान नहीं

आरती के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया. शास्त्री महाराज ने प्रवचन के दौरान बताया कि जीवन में पुण्यदान से बड़ा कोई दान नहीं है. कहा कि आत्मा से जब बुद्धि का विवाह होता है तो विवेक रुपी पुत्र उत्पन्न होता है. भागवत कथा मंडप ही ऐसा स्थान है जहां आत्मा व बुद्धि का विवाह होता है और विवेक का जन्म होता है. तब ही जीवन का शुद्धिकरण होगा और जीवन सफल होगा. उन्होंने कहा कि अहंकार से ही क्रोध की उत्पत्ति होती है. अगर अहंकार नहीं होगा तो हमारे अंदर दुर्गुण प्रवेश नहीं करेगा. क्योंकि अहंकार ही दुर्गुण की चाभी है. कथावाचन के बीच-बीच में स्वामी एवं अन्य सहयोगी कलाकारों द्वारा भजन भी गाया. जिससे उपस्थित महिला व पुरुष श्रद्धालु झूमते रहे. कृष्ण के बाल रूप से लेकर वात्सल्य अवस्था की कहानी भी श्रद्धलुओं को बतायी गयी. इसके साथ ही राजा परीक्षित के विषय में भी लोगों को विस्तार से कथा वाचन के माध्यम से बताया गया. सारा पंडाल हजारों श्रद्धालुओं से खचाखच भरा था. कथा वाचन प्रत्येक दिन शाम के पाच बजे से रात के नौ बजे तक आयोजित होता है. कथा वाचन शुरू होने के घंटों बाद भी श्रोता आते रहे. जिसे बैठाने में कार्यकर्ताओं को काफी मेहनत करनी पड़ी. भीड़ के कारण पंडाल छोटा पड़ने लगा. कार्यक्रम को सफल बनाने में अशोक कुमार पंकज, सोनी देवी, मनोज कुमार मुन्ना देश प्रेमी, दिलीप दिलवाला, मनोज कुमार गुप्ता, विनोद अडानीवाल, शंभू केशरी, कुणाल कांसरी, रितेश कुमार, दिनेश मंडल, पप्पू पोद्दार सहित जमालपुर बाजार के दर्जनों लोगों कि अहम भूमिका रही.

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