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खीराडीह में सात दिवसीय ध्यान अभ्यास सत्संग का हुआ समापन

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खीराडीह में सात दिवसीय ध्यान अभ्यास सत्संग का हुआ समापन

परबत्ता. प्रखंड अंतर्गत खीराडीह गांव स्थित महर्षि मेही सत्संग आश्रम में आयोजित 20वां वार्षिक साप्ताहिक ध्यानाभ्यास सत्संग का बुधवार संध्या भव्य समापन हुआ. सात दिनों तक आयोजित इस सत्संग में दूर-दराज से उमड़े श्रद्धालुओं ने ध्यान, भजन-कीर्तन और सत्संग के माध्यम से आत्मिक शांति का अनुपम अनुभव किया. समापन अवसर पर परम पूज्य सत्यनारायण ब्रह्मचारी महाराज के प्रेरणादायी कथा-प्रवचन ने वातावरण को दिव्यता से भर दिया. उनके ओजस्वी शब्दों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन, संयम और ईश्वर-साधना की राह पर दृढ़ रहने का संदेश दिया. साथ ही परम पूज्य सांदीपानंद महाराज का सान्निध्य भी साधकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा. संतों ने कहा कि गुरु-प्रदत्त मंत्र का अखंड मानसिक जप ही सच्ची साधना का आधार है, जहां मन और मंत्र एकाकार हो जाते हैं. पूरे सप्ताह आश्रम परिसर में प्रातःकालीन ध्यान से लेकर संध्या सत्संग तक आध्यात्मिक अनुष्ठान का क्रम चलता रहा. श्रद्धालुओं ने महर्षि परंपरा के चार प्रमुख साधना मार्ग, मानस जप, मानस ध्यान, दृष्टि-योग और सुरत-शब्द-योग (नादानुसन्धान), का अभ्यास कर ब्रह्म प्राप्ति की दिशा में कदम बढ़ाया. संतमत के प्रणेता महर्षि मेंही परमहंस महाराज द्वारा प्रतिपादित साधना-पद्धति आज भी साधकों के लिए प्रकाशस्तंभ बनी हुई है. समापन समारोह में पूर्व विधायक डॉ. संजीव कुमार भी पहुंचे और संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया. उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आध्यात्मिक महोत्सव समाज में नैतिकता, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं. आश्रम परिसर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने यह सिद्ध कर दिया कि आधुनिक भागदौड़ भरी जिंदगी में भी आध्यात्मिक शांति की प्यास जीवित है. खीराडीह का यह आध्यात्मिक आयोजन पूरे क्षेत्र में आस्था और ऊर्जा की नई ज्योति प्रज्वलित कर गया.

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