पीपीपी मोड पर पांच लाख रुपये की लागत से रैंक प्वाइंट के आसपास 10 जगहों पर लगा 40 नल लगाये गये हैं. जिससे मोटिया मजदूरों को पेयजल के साथ-साथ स्नान करने एवं साफ सफाई कार्य में काफी सुविधा हो रही है. माल बाबू कार्यालय के लिए 20 लाख की लागत से बना गुड सेड-दशकों पूर्व बना माल बाबू का कार्यालय भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका था. नतीजतन, कार्य संचालन के साथ-साथ फाइलों के रखरखाव में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. गुड सेट भवन का निर्माण होने से माल बाबू को अपने कार्यालय संचालन में सुविधा मिल रही है. व्यवसायियों एवं मजदूरों की परेशानी को देखते हुए वाणिज्य विभाग के द्वारा पीपीपी मोड से कैंटींन भवन का निर्माण कराया गया है. जिससे व्यवसायियों व मजदूरों को चाय नाश्ता के लिए भटकना नहीं पड़ेगा.
एक करोड़ की लागत से हुआ सड़क का चौड़ीकरण
रैक प्वाइंट स्थित सेकंड एंट्री भवन के पूर्वी एवं पश्चिमी हिस्से की दो-दो सौ मीटर सड़क को 50 फीट चौड़ीकरण किया गया है. जिससे रैक प्वाइंट पर माल लदान के समय भारी वाहनों का ठहराव आसान हुआ है. सड़क के चौड़ीकरण से जाम से राहत मिली है. मालूम हो कि सेकंड एंट्री भवन के उत्तरी हिस्से की मथुरापुर ढाला से सन्हौली ढाला तक बनी सड़क से रेल यात्रियों के अलावा आमलोगों को आवागमन में सुविधा हो रही है. 20 लाख रुपये की लागत से रैक प्वाइंट के उत्तरी हिस्से की सड़क पर पीपीपी मोड से दो हाई मास्ट लाइट लगाया गया है.
गड्ढे की मिट्टी भराई में खर्च हुए 50 लाख रुपये
मालूम हो कि रैंक प्वाइंट के उत्तरी हिस्से में स्थित पांच एकड़ से अधिक भू-भाग गड्ढा था, उक्त गड्ढे की मिट्टी भराई कर उसको उपयोग में लाने के लायक बनाया गया है. मिली जानकारी के अनुसार रैंक प्वाइंट के उत्तरी हिस्से के गड्ढे की भड़ाई कर उसको वाणिज्यिक उपयोग में लाने की योजना तैयार की गई है. सीनियर डीसीआइ कुमुद रंजन ने बताया कि योजनाओं के कार्यान्वयन से कार्यालय से रेल यात्रियों, मजदूरों एवं व्यवसायियों के अलावा आम लोगों को इसका लाभ मिल रहा है.
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