मानसी (खगड़िया) से सतीश कुमार की रिपोर्ट
Khagaria News: सरकारी योजनाओं के तहत बनने वाली सड़कों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. खगड़िया जिले के मानसी प्रखंड की बलहा पंचायत में करीब दो वर्ष पहले 7.55 लाख रुपये की लागत से बनाई गई नाला सह पीसीसी सड़क अब ग्रामीणों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि परेशानी का कारण बन गई है. सड़क पर नाले का गंदा पानी जमा रहने से लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से जांच की मांग की है.
दो साल में ही खुल गई निर्माण कार्य की पोल
मामला मानसी प्रखंड की बलहा पंचायत के छोटी बलहा वार्ड संख्या-5 का है. यहां 15वीं वित्त आयोग के टाइड मद से लगभग दो वर्ष पूर्व विद्यानंद महतो के घर से मुख्य सड़क तक नाला सह पीसीसी सड़क का निर्माण कराया गया था. इस परियोजना पर करीब 7 लाख 55 हजार रुपये खर्च किए गए थे.
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के समय गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया. नतीजा यह है कि सड़क बनने के कुछ ही समय बाद उसकी खामियां सामने आने लगीं और आज स्थिति यह है कि नाले का पानी सड़क पर ही जमा रहता है.
जल निकासी ठप, लोगों का घर से निकलना मुश्किल
स्थानीय लोगों के अनुसार नाले की ढलान वैज्ञानिक तरीके से नहीं बनाई गई. इसी कारण गंदा पानी आगे नहीं निकल पाता और सड़क पर जमा हो जाता है. बरसात के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है. सड़क पर जलजमाव होने से पैदल चलना, बाइक निकालना और बच्चों का स्कूल जाना तक मुश्किल हो जाता है.
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार गंदा पानी जमा रहने से दुर्गंध फैलती है और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे बीमारियों का खतरा बना रहता है.
सरकारी राशि खर्च हुई, लेकिन सुविधा नहीं मिली
ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य अपेक्षित गुणवत्ता का नहीं हुआ. उनका कहना है कि यदि शुरुआत में ही मानकों के अनुसार काम कराया जाता, तो आज यह स्थिति नहीं बनती.
लोगों ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच करवाने और दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
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मरम्मत और स्थायी समाधान की उठी मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से नाला और सड़क की जल्द मरम्मत कराने तथा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो बरसात के मौसम में हालात और गंभीर हो जाएंगे.
अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है. देखना होगा कि शिकायत के बाद जिम्मेदार विभाग जांच कर निर्माण में हुई कथित अनियमितताओं पर कोई ठोस कदम उठाता है या नहीं. वहीं, यह भी उल्लेखनीय है कि निर्माण में अनियमितता के आरोप ग्रामीणों ने लगाए हैं. इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी.
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