गोगरी खगड़िया से धीरज सिंह की रिपोर्ट
Khagaria News: खगड़िया जिले में जल्द ही नई डिजिटल व्यवस्था लागू होगी. इसके तहत किसानों को पहले ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी. बुकिंग के बाद जारी क्यूआर कोड और बुकिंग आईडी के आधार पर ही अधिकृत विक्रेता से खाद प्राप्त किया जा सकेगा. विभाग का दावा है कि इससे उर्वरक वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी और किसान हितैषी बनेगी.
क्यों बदली जा रही है खाद वितरण की व्यवस्था?
हर वर्ष खरीफ और रबी सीजन के दौरान खाद की मांग बढ़ने के साथ ही कालाबाजारी, फर्जी खरीद और जमाखोरी की शिकायतें सामने आती रही हैं. कई किसानों को जरूरत के समय खाद नहीं मिल पाती, जबकि कुछ लोग बड़ी मात्रा में उर्वरक खरीद लेते हैं.
नई डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य इन्हीं समस्याओं को खत्म करना है. कृषि विभाग का मानना है कि ऑनलाइन प्रणाली लागू होने से किसानों की वास्तविक जरूरत के अनुसार ही उर्वरक उपलब्ध कराया जा सकेगा. नई व्यवस्था को फर्टिलाइजर सेल्स एप्लीकेशन सिस्टम से जोड़ा जाएगा. इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों की भूमि, फसल और आवश्यकता के अनुसार उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा.
इससे जरूरतमंद किसानों तक समय पर खाद पहुंचाने के साथ-साथ कालाबाजारी और फर्जी खरीद पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी.
सिर्फ जमीन मालिक ही नहीं, बटाईदार किसानों को भी मिलेगा लाभ
नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें केवल भूमि स्वामी किसानों को ही नहीं, बल्कि बटाईदार, किरायेदार और वंशावली के आधार पर खेती करने वाले किसानों को भी शामिल किया गया है.
इससे ऐसे हजारों किसानों को फायदा मिलेगा, जो वर्षों से खेती तो कर रहे हैं, लेकिन पारंपरिक व्यवस्था में कई बार खाद वितरण से वंचित रह जाते थे.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
Khagaria News: ऐसे करनी होगी ऑनलाइन बुकिंग
जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनी हुई है, वे आधार संख्या या फार्मर आईडी के जरिए पोर्टल पर लॉगिन कर खाद की बुकिंग कर सकेंगे. बुकिंग पूरी होने के बाद किसानों को एक क्यूआर कोड और बुकिंग आईडी जारी की जाएगी. इसी क्यूआर कोड को दिखाने पर अधिकृत विक्रेता उर्वरक उपलब्ध कराएंगे.
कृषि विभाग ने क्यूआर कोड की वैधता तीन दिनों के लिए निर्धारित की है. यदि किसान इस अवधि के भीतर खाद प्राप्त नहीं करते हैं, तो उनकी बुकिंग स्वतः रद्द हो जाएगी. ऐसी स्थिति में किसानों को दोबारा ऑनलाइन आवेदन करना होगा. विभाग का कहना है कि इससे स्टॉक रोकने और अनावश्यक बुकिंग पर रोक लगेगी.
जिनके पास स्मार्टफोन नहीं, उनके लिए भी है व्यवस्था
ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं, जिनके पास स्मार्टफोन या इंटरनेट सुविधा उपलब्ध नहीं है. ऐसे किसानों को परेशानी न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है. किसान कॉमन सर्विस सेंटर, वसुधा केंद्र, पैक्स प्रतिनिधि, किसान सलाहकार या कृषि समन्वयकों की मदद से भी ऑनलाइन बुकिंग करा सकेंगे.
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि सरकार के निर्देश के अनुसार नई प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. इसके लिए कृषि समन्वयकों, किसान सलाहकारों और संबंधित कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा.
कृषि विभाग का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद उर्वरक वितरण की निगरानी आसान होगी और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जा सकेगा.
खरीफ सीजन के बीच शुरू होने वाली यह नई व्यवस्था किसानों के लिए राहत साबित होगी या नई चुनौती बनेगी, इस पर सबकी नजर बनी हुई है.
इसे भी पढ़ें: बिहार के इस जिले में बनेगा 800 MW का नया पावर प्लांट, बिजली संकट होगा दूर, जानें पूरा प्लान
बिहार में अगले 72 घंटे मूसलाधार बारिश और वज्रपात का अलर्ट, पटना समेत कई जिलों में बिगड़ेगा मौसम
